
रूस और यूक्रेन (Russia-Ukraine Conflict) के बीच एक महीने से ज्यादा हो गए जंग शुरू हुए पर अब तक कोई फैसला नहीं हो पाया है। रूस यूक्रेन पर काबू पाने का हरसंभव प्रयास कर रहा है। अब यूक्रेन पहुंचने वाले संदेशों पर लगाम लगाने के तहत रूसी अधिकारियों ने जर्मनी के समाचार पत्र ‘बिल्ड’ की वेबसाइट को बंद कर दिया है। रूस के संचार और मीडिया नियामक रोस्कोमनाडजोर ने रविवार को यह जानकारी दी। रूस में इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पहले ही पाबंदी लगा दी गई थी। रोस्कोमनाडजोर का कहना है कि इनका इस्तेमाल रूसी सैनिकों के खिलाफ हिंसा भड़काने के लिए किया जा रहा था।
रूसी अधिकारियों ने बीबीसी, यूरोपीय न्यूज नेटवर्क ‘यूरोन्यूज’, ‘वॉइस ऑफ अमेरिका’, जर्मनी के ‘डॉयशे वेले’ और लातविया से चलने वाली ‘मेडुजा’ जैसी विदेशी मीडिया वेबसाइट पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। बिल्ड के प्रधान संपादक जोहान्स बोई ने कहा कि रूस में बिल्ड की वेबसाइट को ब्लॉक करने का निर्णय लोकतंत्र, स्वतंत्रता और मानवाधिकारों के लिए हमारी पत्रकारिता पर मुहर लगाता है।
दूसरी ओर, अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति के सदस्य रिपबल्किन पार्टी के सांसद जेम्स रिच ने राष्ट्रपति जो बाइडन से यूक्रेन पर रूस के आक्रमण को लेकर इधर-उधर की बात नहीं करने का आग्रह किया है। रिच का यह बयान पोलैंड में बाइडन के संबोधन के एक दिन बाद आया है, जिसमें बाइडन ने कहा था कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सत्ता में नहीं रह सकते। रिच ने कहा कि बाइडन को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने शब्दों को लेकर और अधिक सावधानी बरतनी चाहिये।
रिच ने रविवार को सीएनएन के कार्यक्रम स्टेट ऑफ द यूनियन में कहा, ‘माननीय राष्ट्रपति जी, इधर-उधर की बात मत कीजिए। वहीं, विदेश मंत्री एंटनी ब्लिटन और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने रविवार को बाइडन के बयान का बचाव करते हुए कहा कि राष्ट्रपति का मतलब शासन में तब्दीली से नहीं था।
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