
अमेरिका के F-35 बेचने से इनकार करने के बाद तुर्की अब नए लड़ाकू विमान को खरीदने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने ब्रिटेन से बातचीत की है। ऐसी संभावना है कि आने वाले दिनों में तुर्की और ब्रिटेन 40 लड़ाकू विमानों की खरीद को लेकर समझौता कर सकते हैं।
अमेरिका ने तुर्की को F-35 लड़ाकू विमान बेचने से इनकार किया है। इसे खलीफा के नाम से प्रसिद्ध तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। एर्दोगन ने F-35 को खरीदने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। उन्होंने इसके लिए खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की थी। लेकिन, अब अमेरिका से बात बनती न देखकर उन्होंने ब्रिटेन का रुख किया है। सूत्रों के अनुसार, तुर्की और ब्रिटेन मंगलवार को यूरोफाइटर टाइफून लड़ाकू विमानों के लिए एक अस्थायी समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। हालांकि, इस विमान को कई यूरोपीय देशों ने एकसाथ मिलकर विकसित किया है। ऐसे में सभी देशों की सहमति के बाद ही तुर्की यह विमान खरीद सकेगा।
मिडिल ईस्ट आई की रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते पर ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली इस्तांबुल में आईडीईएफ हथियार मेले की अपनी यात्रा के दौरान हस्ताक्षर करेंगे। तुर्की यूरोफाइटर कंसोर्टियम के प्रमुख देश ब्रिटेन के साथ 2023 से लड़ाकू विमानों की खरीद को लेकर बातचीत कर रहा है। 2024 में, तुर्की ने जर्मनी के उस वीटो को पार कर लिया था जो बिक्री को रोक रहा था। इस मामले से परिचित दो सूत्रों ने कहा कि हीली की यात्रा इस बात का संकेत है कि यह सौदा हस्ताक्षर के लिए तैयार है। हालांकि, ब्रिटेन ने इस समझौते पर कुछ भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
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