
अमेरिकी विध्वंसक ने यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से लाल सागर में दागी गई मिसाइलों और बम ले जानी वाली ड्रोन नौकाओं को मार गिराया। अधिकारियों ने बुधवार सुबह यह जानकारी दी। हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को ये हमले विध्वंसक ‘यूएसएस कार्ने’ को निशाना बना कर किए थे। अमेरिकी सेना की मध्य कमान ने कहा कि हूती विद्रोहियों ने बम ले जाने वाले ड्रोन और एक पोत रोधी बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। मध्य कमान के मुताबिक, हमले के जवाब में अमेरिका ने भी हवाई हमला किया और जहाज-रोधी तीन मिसाइलों और बम ले जाने वाली तीन ड्रोन नौकाओं को नष्ट कर दिया।
हूती विद्रोहियों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने हमले की बात को स्वीकार किया और कहा कि दो अमेरिकी युद्ध पोतों को निशाना बनाया गया। सारी ने कहा, ‘‘युद्ध और गाजा पट्टी पर फलस्तीनी लोगों की घेराबंदी जारी रहने तक हम रुकेंगे नहीं।” हमास और इजराइल के बीच जारी युद्ध के दौरान हूती विद्रोही हमास के प्रति एकजुटता दिखाते हुए पिछले वर्ष नवंबर से लाल सागर से गुजरने वाले वाणिज्यिक पोतों को निशाना बना रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक युद्ध बंद नहीं हो जाता वे इस प्रकार के हमले जारी रखेंगे। अमेरिका के नेतृत्व में डेढ़ महीने से अधिक वक्त तक हवाई हमलों के बावजूद हूती विद्रोहियों के हमले जारी हैं।
इस बीच भारतीय नौसेना ने कुछ फुटेज जारी किए हैं, जिसमें आईएनएस कोलकाता के नौसैनिक एमएससी स्काई द्वितीय में आग पर काबू पाने के प्रयास करते दिखाई दे रहे हैं। हूती विद्राहियों ने सोमवार को अदन की खाड़ी में इस पोत को निशाना बनाया था। पोत के एक कंटेनर से धुआं निकलता हुआ दिखाई दे रहा है। स्विटजरलैंड की कंपनी ‘मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी’ ने कहा कि यह पोत सिंगापुर से जिबूती जा रहा था कि तभी हूती विद्रोहियों ने उस पर हमला कर दिया। कंपनी ने कहा,‘‘ मिसाइल हमले से आग लग गई थी, जिस पर काबू पा लिया गया। इसमें चालक दल का कोई सदस्य हताहत नहीं हुआ है।”
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