
वाशिंगटन: अमरीका द्वारा वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू किए गए कठोर नियमों का असर सामने आने लगा है। 1990 से लेकर 2010 तक के 2 दशकों में वायु प्रदूषण के कारण होने वाली मौतों की संख्या में गिरावट देखने को मिली है।
वायु प्रदूषण से हर साल होने वाली मौतों का आंकड़ा इन 2 दशकों के दौरान 71 हजार प्रति वर्ष रहा है। यूनिवर्सिटी ऑफ नार्थ कैरोलिना ने इस बारे में विस्तृत रिसर्च की है और इस रिसर्च को नासा एवं ई.पी. ने भी मान्यता दी है। रिसर्च रिपोर्ट में दिल के रोगों और वायु प्रदूषण के कारण होने वाली मौतों के 21 साल के आंकड़े पर अध्ययन किया गया है। अध्ययन के बाद यूनिवर्सिटी इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि अमरीका में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू हुए कड़े कानून से लोगों के स्वास्थ्य पर इसका सकारात्मक असर हुआ है।
अध्ययन में सामने आया है कि अमरीका के केंद्रीय कानून के अलावा 2002 में राज्यों द्वारा नाइट्रोजन के उत्सर्जन को लेकर लागू किए गए कानून का भी काफी अच्छा प्रभाव देखने को मिला है। वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए उठाए गए नियमों के असर का भी रिपोर्ट में हवाला दिया गया है। वायु प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए इन नियमों का असर न सिर्फ मानवीय स्वास्थ्य पर नजर आया है बल्कि यह बिजली की मांग पर भी पड़ा है।
अध्ययन करने वाली टीम का मानना है कि 2010 के बाद अमरीका में वायु प्रदूषण के कारण होने वाली मौतों की संख्या में और गिरावट देखने को मिल सकती है क्योंकि 2011 में अमरीका में क्रॉस स्टेट पॉल्यूशन नियमों को लागू किया गया है। टीम ने 2010 के बाद वायु प्रदूषण के कारण हुई मौतों के अध्ययन की भी सिफारिश की है। माना जा रहा है कि दुनिया भर में तेजी से बदलते पर्यावरण, यातायात के साधनों और बदलती तकनीक का असर भी वायु प्रदूषण पर देखने को मिलेगा लेकिन अमरीका को हाइब्रिड और इलैक्ट्रॉनिक कारों के चलते वायु प्रदूषण को नियंत्रित रखने का भरोसा है।
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