
दक्षिणी अमेरिकी देश को अपने सैन्य हार्डवेयर बेचने की चीन की योजना को तगड़ा लगा है। अर्जेंटीना ने चीन से फाइटर जेट खरीदने का इरादा अब बदल दिया है। पिछले हफ्ते अर्जेंटीना के राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज ने घोषणा की थी कि अर्जेंटीना तत्काल कोई सैन्य विमान नहीं खरीदेगा। इससे अपने जेएफ-17 फाइटर जेट को लैटिन अमेरिका तक पहुंचाने की चीनी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। चीन ने Chengdu FC-1/JF-17 ‘थंडर’ फाइटर जेट को पाकिस्तान के साथ मिलकर बनाया है।
पिछले हफ्ते चीनी युद्धक विमानों को खरीदने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर फर्नांडीज ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया, ‘अर्जेंटीना को अपने संसाधनों को सैन्य विमानों की खरीद से ज्यादा जरूरी चीजों पर खर्च करना है।’ उन्होंने कहा कि दक्षिण अमेरिका महाद्वीप पर युद्ध की कोई समस्या नहीं है और क्षेत्रीय देशों के बीच एकता है। चार दशक की सर्विस के बाद 2015 में डसॉल्ट मिराज III फाइटर जेट रिटायर होने के बाद से अर्जेंटीना ने कोई भी लड़ाकू विमान नहीं खरीदा है।
विमान के इंजन में कई बार देखी गई खराबी – पिछले साल अर्जेंटीना सरकार ने 2022 के बजट में मल्टीफंक्शनल फाइटर जेट्स की खरीद के लिए 664 मिलियन अमेरिकी डॉलर का बजट तय किया था। जेएफ-17 चौथी पीढ़ी का हल्के वजन वाला सिंगल-इंजन मल्टीरोल जेट है जिसकी अधिकतम गति मैक 1.6 और कॉम्बैट रेडियस 1400 किमी तक है। लेकिन पाकिस्तान के साथ मिलकर बनाए गए फाइटर जेट के रूसी RD-93 इंजन में कई गड़बड़ियों की सूचना दी जा चुकी है। इसके बावजूद चीन छोटे देशों को इन्हें बेच रहा है।
पाकिस्तान बनाएगा 72 लड़ाकू विमानों की फ्लीट – गड़बड़ी की खबर सामने आने के बाद भी अज़रबैजान हो या श्रीलंका, बांग्लादेश, मलेशिया हो या उत्तर कोरिया कई देशों ने जेएफ-17 फाइटर जेट खरीदने में अपनी दिलचस्पी दिखाई है। पाकिस्तान ने 22 जेट खरीदे हैं और 50 और खरीदने की योजना बना रहा है। चीनी नानजिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी की तमाम कोशिशों के बाद भी रूसी आरडी-93 इंजन के साथ समस्या जारी है। वर्तमान में यह जेट पाकिस्तान, म्यांमार और नाइजीरिया में सर्विस में हैं।
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