
कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव के लिए प्रियंका गांधी को स्क्रीनिंग कमिटी का अध्यक्ष बनाकर पार्टी की पुरानी मांग को पूरा किया है। असम में कांग्रेस की मजबूत स्थिति और गठबंधन की संभावनाओं को देखते हुए, प्रियंका की नियुक्ति पार्टी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव के लिए प्रियंका गांधी को स्क्रीनिंग कमिटी का अध्यक्ष बनाकर पार्टी के भीतर से उठ रही पुरानी मांग को पूरा किया है। नेताओं और कार्यकर्ताओं का एक वर्ग मानता रहा है कि प्रियंका को ज्यादा जिम्मेदारी मिलनी चाहिए और अगर वह जमीनी स्तर पर काम करती हैं, तो पार्टी को ज्यादा फायदा होगा।
असम की अहमियत । असम में इस साल मार्च-अप्रैल में चुनाव हो सकते हैं। यह उन कुछ राज्यों में से एक है, जहां कांग्रेस संगठन अब भी मजबूत है। राज्य में 10 साल पहले तक कांग्रेस की सरकार थी और आज भी मुख्य विपक्षी ताकत वही है। इस साल अप्रैल-मई तक पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल के भी विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में प्रियंका को असम की जिम्मेदारी मिलना अहम माना जा रहा है।
पार्टी का भरोसा । प्रियंका भले नवंबर 2024 में पहली बार वायनाड से उपचुनाव के जरिये लोकसभा में पहुंची हों, लेकिन उनका राजनीतिक अनुभव कहीं अधिक है। राहुल गांधी ने जब 2004 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा, तो चुनावी प्रचार की कमान प्रियंका ने ही संभाली थी। उनकी तुलना दादी इंदिरा गांधी से की जाती रही है और कांग्रेस के भीतर यह भरोसा है कि वह अगर पूरी तरह सामने आकर जिम्मा संभालें, तो पार्टी फिर से मजबूत हो सकती है।
Home / Uncategorized / असम चुनाव: प्रियंका गांधी पर कांग्रेस का भरोसा, संगठन को साधने की बड़ी जिम्मेदारी
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website