
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सत्तारूढ़ पार्टी लिबरल और गठबंधन नैशनल पार्टी के सांसदों की बजाय पत्रकारों को गलती से कुछ गोपनीय दस्तावेज भेज दिए जाने का मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने दरअसल सरकार बनाने में शामिल सांसदों को चर्चा विषय संबंधी गोपनीय दस्तावेज भेजने थे जो गलती से पत्रकारों और देशभर के मीडिया प्रतिष्ठानों को चले गए।
इन अहम गोपनीय दस्तावेजों में दरअसल पत्रकारों और विपक्षी पार्टियों द्वारा उठाएजा सकते कड़े सवालों का जवाब देने के लिए सांसदों को बिंदू सुझाए गए थे। दस्तावेजों में अंतररष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की जलवायु परिवर्तन रिपोटर् के ऑस्ट्रेलिया 2030 के लक्ष्य को पूरा नहीं करने पाने के दावे संबंधी सवालों को लेकर जवाब देने के लिए कुछ बिंदू तैयार किए गए हैं। दस्तावेजों में पिछले पांच वर्षों के दौरान कर्मचारियों के शोषण को लेकर सवालों के मद्देनज़र भी सुझाव दिए गए हैं।
दस्तावेज में कहा गया है कि अगर इस संबंध में सवाल किये जाए तो सांसदों को कहना है, ‘‘ किसी भी कर्मचारी के साथ शोषण सरकार बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेगी और इसके खिलाफ सरकार की जीरो टोलेरेंस की नीति है।” इस पूरे मामले को लेकर प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है और अभी तक कोई टिपण्णी नहीं की है। अटार्नी जनरल क्रिस्चियन पोटर्र ने हालांकि इस मामले पर टिपण्णी करते हुए कहा कि यह राजनीति का आधुनिक दौर है।
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