
बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार उज जमां ने देश की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने राजनीतिक संकट को इसका जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि देश की संप्रभुता पर खतरा है। उन्होंने अगले 18 महीने में देश में आम चुनाव कराए जाने पर जोर दिया है।
बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार उज जमां ने माना है कि उनके देश में सब ठीक नहीं चल रहा है। बांग्लादेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि देश संकट में है और इसके लिए राजनीतिक उथल-पुथल जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लोग स्थिति की गंभीरता को ना देखते हुए एक-दूसरे की निंदा करने में लगे हुए हैं। ऐसे में सेना पर चीजों को संभालने की ज्यादा जिम्मेदारी आ जाती है। जमां के बयान को अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के लिए भी चेतावनी की तरह देखा जा रहा है, जो कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर घिरे हुए हैं।
बांग्लादेश आर्मी चीफ ने एक सैन्य समारोह में बीते कुछ समय से खराब होती कानून व्यवस्था पर कहा, ‘जो अराजकता हम देख रहे हैं, वह कहीं ना कहीं हमारी ही बनाई हुई है। पुलिस महकमे में छोटे अफसरों से लेकर सीनियर अधिकारी तक डरे हुए हैं क्योंकि उनके साथी मुकदमों का सामना कर रहे हैं या जेल में हैं। इससे सेना पर ज्यादा जिम्मेदारी आती है क्योंकि व्यवस्था चरमरा चुकी है। समाज में लगातार गहराती खाई और हिंसा से बांग्लादेश की संप्रभुता खतरे में पड़ रही है।’
आम लोगों से शांति की अपील – बांग्लादेश के आम नागरिकों से जनरल वकार ने शांति की अपील करते हुए कहा, ‘अगर आप आपस में लड़ते-झगड़ते रहेंगे तो फिर देश की स्वतंत्रता और अखंडता खतरे में पड़ जाएगी। ऐसे में जरूरी है कि आम लोग शांति लाने में योगदान करें।’ इस दौरान राजनीतिक दलों को निशाना बनाते हुए उन्होंने कहा, ‘सभी पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाने में व्यस्त हैं, इसलिए उपद्रवियों को स्थिति अनुकूल लगती है। उन्हें लगता है कि वे कुछ भी करके बच निकलेंगे। इससे ये हो रहा है कि शेख हसीना सरकार को गिराने वाले छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन की उपलब्धियां भी खतरे में हैं।
बांग्लादेश में चुनाव पर जमां ने कहा, शुरुआत में मैंने कहा था कि चुनाव कराने में 18 महीने लगेंगे। हम उसी रास्ते पर हैं। मुझे उम्मीद है कि प्रोफेसर यूनुस इस दिशा में बढ़ रहे हैं। जनरल वकार ने हालांकि चुनावों की तारीख पर कुछ नहीं कहा है। वहीं यूनुस सरकार की ओर से इस साल के आखार में या 2026 की शुरुआत में आम चुनाव कराने की बात कही गई है।
बांग्लादेश में नहीं रुक रही हिंसा – बांग्लादेश में बीते साल जून के महीने से ही हिंसक प्रदर्शन और तोड़फोड़ देखने को मिल रहे हैं। शेख हसीना की सरकार भी बीते साल अगस्त में गिर गई थी। यूनुस के नेतृत्व में बनी अंतरिम सरकार में भी हिंसा लगातार जारी है। स्थिति इतनी खराब है फरवरी में बांग्लादेश के सुरक्षा बलों ने ‘ऑपरेशन डेविल हंट’ चलाकर तीन हफ्ते में आठ हजार से ज्यादा गिरफ्तारियां की हैं।
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