
बीजिंग: पृथ्वी की ओर तेज गति से बढ़ रहा चीन का ‘तियांगोंग -1’ अंतरिक्ष स्टेशन सोमवार वायुमंडल में प्रवेश कर जाएगा और इसके आस्ट्रेलिया से लेकर अमरीका तक कहीं भी गिरने की आशंका है। चाइना मैन्ड स्पेस इंजीनयरिंग ऑफिस (सीएमएसईओ) ने बताया कि अंतरिक्ष प्रयोगशाला (स्पेस लैब) सोमवार पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करेगा। सीएमएसईओ द्वारा हाल ही में प्रकाशित एक आलोख के मुताबिक ‘तियांगोंग -1’ वायुमंडल में जल जाएगा और इससे जमीन पर कोई नुकसान पहुंचने की बहुत कम संभावना है।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने सीएमएसईओ के हवाले से बताया कि आठ टन वजन वाले इस स्पेस लैब से विमानन गतिविधि पर कोई प्रभाव पडऩे या जमीन पर कोई नुकसान पहुंचने की संभावना नहीं है। इसने कहा कि लैब के मलबे का बहुत छोटा सा हिस्सा जमीन पर गिरेगा। हांगकांग के साउथ चाइना माॢनंग पोस्ट की खबर के मुताबिक इसकी मौजूदा दिशा के आधार पर वैज्ञानिकों ने कहा कि स्पेस स्टेशन आस्ट्रेलिया से लेकर अमरीका तक, कहीं भी गिर सकता है। इस बीच, अमरीका के मिशिगन में अधिकारी कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने आपात टीमें तैयार रखी हैं।
गौरतलब है कि तियांगोंग-1 एक अंतरिक्ष प्रयोगशाला है जिसे सितंबर 2011 में प्रक्षेपित किया गया था। लैब ने जून 2013 में अपना मिशन पूरा कर लिया था। रूसी अंतरिक्ष स्टेशन ‘मीर’ की प्रतिस्पर्धा में चीन द्वारा अपने अंतरिक्ष स्टेशन को 2022 तक अंतिम रूप देने की योजना है। रूसी स्पेस स्टेशन फिलहाल कक्षा में है।
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