
ताइवान की राष्ट्रपति त्साइ इंग-वेन ने चीन की हर चेतावनी को नजरअंदाज कर अमेरिका की यात्रा शुरू कर दी है। वह बुधवार को न्यूयार्क पहुंच गईं। इस यात्रा के जरिए वह दिखाना चाहती हैं कि स्वशासित ताइवान इस समय चीन की धमकियों का सामना कर रहा है और वह अपने सहयोगी देश से सुरक्षा चाहती हैं। गुरुवार को चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने भी किसी अमेरिकी अधिकारी से मुलाकात को लेकर चेतावनी दी।
चीन का मुख्य एतराज पांच अप्रैल को अमेरिकी हाउस स्पीकर केविन मैककार्थी से संभावित मुलाकात को लेकर है। वाशिंगटन स्थित चीन की प्रभारी राजदूत शु शुयान ने बुधवार को संवादाताओं से वर्चुअल संवाद के दौरान कहा कि ताइवानी राष्ट्रपति की अमेरिकी हाउस स्पीकर केविन मैककार्थी व अन्य अधिकारियों से मुलाकात की संभावना है। शु शुयान ने चेतावनी दी कि अगर ऐसा होता है, तो यह बहुत ही गंभीर मामला होगा। इससे अमेरिका-चीन के द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ना तय है।
वहीं, न्यू जर्सी से डेमोक्रेट सीनेटर व सीनेट की विदेशी संबंधों की समिति के चेयरमैन राबर्ट मेंडेज ने कहा कि राष्ट्रपति त्साइ इंग-वेन के साथ किसी भी अमेरिकी अधिकारी की अनौपचारिक मुलाकात स्पष्ट कर देता है कि ताइवान के लिए अमेरिकी समर्थन ”मजबूत और स्पष्ट” है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में ताइवान अमेरिका का महत्वपूर्ण सहयोगी और अमेरिकी सैन्य मदद पाने वाला प्रमुख भागीदार है। इससे पहले पिछले साल अगस्त में अमेरिकी स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद तनाव बढ़ गया था। इसके जवाब में चीन ने ताइवान जलडमरूमध्य व ताइवान के आसपास कई मिसाइलें दागी थीं व पोत भेजे थे।
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