
न्यूजीलैंड के शिक्षा मंत्री क्रिस हिपकिंस का देश का अगला प्रधानमंत्री बनना तय है। दरअसल, 44 वर्षीय हिपकिंस मौजूदा प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न की जगह लेने की दौड़ में शामिल एकमात्र उम्मीदवार हैं। हालांकि, हिपकिंस को प्रधानमंत्री बनने के लिए रविवार को संसद में अपनी लेबर पार्टी के साथियों का समर्थन हासिल करना होगा, लेकिन यह केवल एक औपचारिकता भर है। करीब साढ़े पांच साल शीर्ष पद पर रहीं अर्डर्न ने गुरुवार को यह घोषणा कर 50 लाख की आबादी वाले अपने देश को चौंका दिया था कि वह प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे रही हैं।
केवल एक उम्मीदवार के चुनावी मैदान में उतरने से संकेत मिलता है कि अर्डर्न के जाने के बाद पार्टी के सभी सांसदों ने मुकाबले की लंबी प्रक्रिया से बचने के लिए हिपकिंस का समर्थन किया है और वे इस बात का कोई संकेत नहीं देना चाहते कि पार्टी में एकता का अभाव है। प्रधानमंत्री बनने के बाद हिपकिंस आठ महीने से कम समय तक पद संभालेंगे। इसके बाद, देश में आम चुनाव होगा। चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों के अनुसार, लेबर पार्टी की स्थिति मुख्य प्रतिद्वंद्वी ‘नेशनल पार्टी’ से बेहतर है।
राजनीतिक दबाव में थीं अर्डर्न – हिपकिंस कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के दौरान इस संकट के प्रबंधन में अहम भूमिका निभाकर लोगों की नजरों में छाए थे, लेकिन सरकार में सबसे अधिक ध्यान अर्डर्न ने ही आकर्षित किया था। वह नेतृत्व की अपनी नयी शैली के कारण वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बनीं। मात्र 37 साल में प्रधानमंत्री बनने वाली अर्डर्न की न्यूजीलैंड में हुई गोलीबारी की अब तक की सबसे भयंकर घटना और महामारी से निपटने के लिए दुनियाभर में प्रशंसा की गई, लेकिन देश में वह काफी राजनीतिक दबाव का सामना कर रही थीं।
नम आंखों से किया इस्तीफे का ऐलान – उन्होंने कुछ ऐसी चुनौतियों को झेला, जिनका न्यूजीलैंड के नेताओं ने पूर्व में अनुभव नहीं किया था। इस बीच, महिला होने के कारण उनके खिलाफ कई ऑनलाइन टिप्पणियां की गईं और धमकियां दी गईं। अर्डर्न ने नम आंखों के साथ गुरुवार को पत्रकारों से कहा कि सात फरवरी का दिन बतौर प्रधानमंत्री उनका आखिरी दिन होगा। उन्होंने कहा, ‘मेरे कार्यकाल का छठा वर्ष शुरू होने जा रहा है और बीते हर साल में मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है।’
राजनीतिक संकटमोचन हैं हिपकिंस – अर्डर्न ने घोषणा की कि न्यूजीलैंड में अगला आम चुनाव 14 अक्टूबर को होगा और वह तब तक सांसद के रूप में काम करती रहेंगी। शिक्षा विभाग संभालने के अलावा, हिपकिंस पुलिस एवं सार्वजनिक सेवा मंत्री और सदन के नेता भी हैं। उन्हें एक राजनीतिक संकटमोचक के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने अन्य सांसदों द्वारा पैदा की गई समस्याओं को दूर करने में कई बार अहम भूमिका निभाई है।
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