
4 नवंबर को शुभ करवाचौथ का आगमन हो रहा है। अपने पति के स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए किया जाने वाला ये व्रत हर विवाहित स्त्री के जीवन में एक नई उमंग लाता है। महिलाएं सच्चे दिल से सभी शगुनों वाले काम करती हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कुछ ऐसे काम भी होते हैं जिन्हें करना अशुभ माना जाता है।
Karva Chauth: संभव हो तो लाल रंग के कपड़े ही पहनें क्योंकि लाल रंग गर्मजोशी और मनोबल बढ़ाता है साथ ही लाल रंग प्यार, रोमांस और पैशन का प्रतीक माना जाता है। लाल रंग में महिलाएं अधिक सुंदर और आकर्षित दिखती हैं एवं सबके आकर्षण का केंद्र बिंदू बनती हैं। नीले, भूरे और काले रंग के कपड़े न पहनें क्योंकि ये अशुभता के प्रतीक हैं। ये रंग ओजस्विता कम करता है, अवसादकारक एवं उत्पीड़क बोझ देने वाले होते हैं।
करवाचौथ की पूजा से पहले बेटी के घर मिठाइयां, तोहफे और ड्राई फ्रूट्स जरूर भेजें।
करवा चौथ की पूजा से पहले और बाद में भजन-कीर्तन जरूर करें। इससे वातावरण में सकारात्मकता आती है और पूजन का पूर्ण फल मिलता है।
करवाचौथ की कथा ध्यान से सुनें क्योंकि इससे आपको ज्ञात होगा की ये व्रत केवल नई नवेली दुल्हण की तरह सजने-संवरने का व्रत नहीं है बल्कि भारतीय पतिव्रता महिलाओं के जीवन को नई दिशा प्राप्त हुई थी।
सुई धागे, कैंची अथवा सेफ्टीपिन का प्रयोग न करें।
सोए हुए व्यक्ति को न उठाएं।
निंदा-चुगली न करें।
रूठे को मनाने न जाएं।
कुछ महिलाएं इस दिन समय व्यतित करने के लिए जुआ खेलती हैं। व्रत रखकर ऐसा काम करना आप स्वयं विचार करें कहां तक सही है।
पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए इस मंत्र का जाप करें- नमस्त्यै शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभा, प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे।
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