
ईरान ने अजरबैजान में हुए ड्रोन हमले के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। ईरान ने कहा है कि इजरायल पड़ोसी देशों के साथ उसके रिश्ते खराब करने की कोशिश कर रहा है। अजरबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बायरामोव के साथ फोन पर बात करते हुए ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने इजरायल पर ये आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अजरबैजान पर किसी भी तरह के हमले से इनकार कर दिया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक उन्होंने कहा कि ईरान को लेकर लोगों की राय बदलने के लिए और पड़ोसी देशों के साथ उसके रिश्ते खत्म करने के लिए इजरायल ऐसे हमले कर रहा है और ईरान ऐसे हमलों की निंदा करता है। आपको बता दें कि अजरबैजान में ईरान की सीमा से सटे इलाके में हुए ड्रोन हमले में कम से कम चार लोग घायल हो गये थे।
इजरायल का फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन या झूठ बोल रहा ईरान? – ईरान ने अजरबैजान पर हमले में इजरायल पर आरोप मढ़े हैं लेकिन उससे पहले वो खुद तुर्की पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला कर चुका है जिसे NATO देशों के एयर डिफेंस सिस्टम ने रोका था। नाटो के प्रवक्ता ने तुर्की के इस आरोप को गलत बताया है कि ये मिसाइल साइप्रस में एक मिलिट्री बेस की तरफ जा रही थी। NATO के प्रवक्ता एलिसन हार्ट तुर्की पर ईरान के हमले की निंदा की है।
इससे पहले गुरुवार को तुर्की के रक्षा मंत्री ने कहा था कि NATO के डिफेंस सिस्टम ने “ईरान से फायर की गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट करके नाकाम कर दिया था जो तुर्की की ओर बढ़ रही थी” लेकिन उन्होंने इसके अलावा कोई और जानकारी नहीं दी थी।
अजरबैजान ने बदला लेने की कसम खाई – अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने ईरान पर ‘आतंकवाद’ फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने ड्रोन हमले के बाद बदला लेने की कसम खाई है। बाकू ने कहा है कि हमलों में कम से कम चार ड्रोन शामिल थे जो ईरान से अजरबैजान के बॉर्डर से लगे नखिचेवन इलाके में घुसे। राष्ट्रपति अलीयेव ने जल्दबाजी में बुलाई गई सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक में कहा कि “आज, ईरान की तरफ से अजरबैजान के इलाके के खिलाफ एक आतंकवादी कार्रवाई की गई है।”
उन्होंने कहा कि अजरबैजान की सेना को “जवाबी कार्रवाई करने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है, उन्हें मोबिलाइजेशन लेवल नंबर एक पर रखा गया है और उन्हें कोई भी ऑपरेशन करने के लिए तैयार रहना चाहिए।” आपको बता दें कि इजरायल और अजरबैजान के बीच काफी घनिष्ठ रक्षा संबंध हैं। दोनों देशों के बीच काफी मजबूत रिश्ते हैं और इसीलिए अजरबैजान ईरानी और इजरायली ड्रोन के बीच अंतर कर सकता है।
इजरायल के तेल सप्लाई लाइन पर हमला करेगा ईरान? – ईरान ने अजरबैजान पर हमले में इजरायल को घसीटने की कोशिश की है लेकिन अजरबैजान को ईरानी दावों पर यकीव नहीं है। अजरबैजान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अयखान हाजीजादा ने समाचार एजेंसी AFP को बताया है कि “हमने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान से मांग की है कि वह कम से कम समय में मामले के बारे में साफ जानकारी दे और जांच करे।”
जियो-पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि अजरबैजान की बाकू-त्बिलिसी-सेहान तेल पाइपलाइन, जो पड़ोसी जॉर्जिया और तुर्की से होकर गुजरती है और इजरायल के तेल इंपोर्ट का लगभग एक तिहाई हिस्सा पहुंचाती है, उसपर अब ईरानी सेना हमला कर सकती है। बाकू में मौजूद सेंटर फॉर ऑयल रिसर्च के डायरेक्टर इल्हाम शाबान ने AFP को बताया कि 2024 में अजरबैजान ने बाकू-त्बिलिसी-सेहान पाइपलाइन के जरिए इजरायल को 2.37 मिलियन टन तेल एक्सपोर्ट किया। इजरायल अपनी जरूरत का लगभग 40% कच्चा तेल अजरबैजान से खरीदता है।
क्या अजरबैजान से ईरान पर हमला करेगा इजरायल? – इल्हाम शाबान ने कहा कि “पाइपलाइन अपने ज्यादातर रास्ते में जमीन के नीचे दबी हुई है जिससे इसे बंद करना मुश्किल हो जाता है लेकिन जमीन के ऊपर की जगहें जैसे टर्मिनल और पंपिंग स्टेशन, अभी भी ईरानी ड्रोन हमलों का शिकार बन सकती हैं।” दूसरी तरफ ईरान ने लंबे समय से चिंता जताई है कि इजरायल – अजरबैजान का करीबी सहयोगी और हथियारों का एक अहम सप्लायर है और वो ईरान पर हमला करने के लिए अजरबैजानी इलाके का इस्तेमाल कर सकता है।
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