
अमेरिका में नौकरी करने जाने वाले भारतीयों के बीच H-1B वीजा काफी ज्यादा पॉपुलर है। इस वीजा के जरिए लोग टेक, हेल्थकेयर और फाइनेंस जैसे सेक्टर्स में काम करते हैं। हालांकि, इन दिनों H-1B वीजा विवाद की वजह बना हुआ है। भारत में भी इस पर काफी चर्चा चल रही है।
अमेरिका में H-1B वीजा के पक्ष-विपक्ष में तेज हो रही बहस के बीच टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने कहा है कि इस वीजा सिस्टम में गड़बड़ियां हैं, लेकिन इन्हें आसानी से दूर किया जा सकता है। इससे पहले मस्क ने कहा था कि वह इस वीजा सिस्टम के बचाव में ‘युद्ध स्तर’ तक जा सकते हैं।
20 जनवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति बनने जा रहे डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले कार्यकाल में H-1B वीजा सिस्टम पर सवाल उठाए थे और इस पर बंदिशें भी लगाई थीं। इस बार उन्होंने नए प्रशासन में एक के बाद एक कई भारतवंशियों को अहम जिम्मेदारियों के लिए चुना है। इसमें श्रीराम कृष्णन को AI पॉलिसी की अगुवाई करने का जिम्मा दिया। इसके बाद ट्रंप के ही कट्टर समर्थकों ने प्रवासियों और फिर H-1B वीजा को निशाने पर ले लिया।
इस विवाद में मस्क ने H-1B वीजा का समर्थन किया था। लेकिन अब मस्क ने कहा है कि सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा। X पर यूजर @RobertMSterling ने कहा कि ‘दुनिया के बेहतरीन टैलेंट का ठिकाना अमेरिका होना ही चाहिए, लेकिन H-1B प्रोग्राम ऐसा करने का तरीका नहीं है।’ इसके जवाब में मस्क ने लिखा, ‘इसे आसानी से ठीक जा सकता है। मिनिमम सैलरी में काफी इजाफा करना होगा और H-1B मेंटेन करने की सालाना लागत लगानी होगी। इससे देश के बजाय विदेश से हायरिंग करना बहुत महंगा हो जाएगा। मेरी साफ राय है कि यह प्रोग्राम ठीक नहीं रह गया है और इसमें बड़े सुधार की जरूरत है।’
Home / Uncategorized / H-1B वीजा विवाद पर एलन मस्क ने दिया बड़ा ‘सुझाव’, टेस्ला CEO की राय किस पर पड़ेगी भारी?
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