
किसी ने सच ही कहा है राजनीति में कोई दोस्त दुश्मन नहीं होता है। यह बात अब पाकिस्तान पर लागू होती है जहां इमरान को सत्ता संभालने से रोकने के लिए विरोधी 2 पार्टियों ने हाथ मिला लिए है। बीते हफ्ते हुए आम चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी पीटीआई के पीएम पद के दावेदार इमरान खान को चुनौती देने के लिए दो प्रतिद्वंद्वी पार्टियों ने एक साथ होने का दावा किया है।
पीएमएल-एन और पीपीपी पार्टियां अब प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार खड़ा करेंगी। हालांकि, कुछ छोटी पार्टियों के गठबंधन से इमरान खान के लिए प्रधानमंत्री के तौर पर चुने जाने के कदम पर खास फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन इससे संसद में उनके पास सीटें जरूर कम हो जाएंगी, जिससे उनका अजेंडा पूरा होना मुश्किल होगा। इमरान खान की पार्टी ने 270 सीटों में से 116 पर जीत दर्ज की है और वह जल्द ही निर्दलीय सांसदों और कुछ छोटी पार्टियों संग गठबंधन कर सरकार गठन कर सकते हैं।
पूर्व पीएम और जेल की सजा काट रहे नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन की प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने कहा, ‘यह ऐसा गठबंधन है जो चुनावों में हुई धांधली के खिलाफा है, और जहां सभी राजनीतिक पार्टियों को निष्पक्ष तौर पर चुनाव लड़ने के एक जैसे मौके नहीं दिए गए।’ हालांकि, विपक्षी गठबंधन के पास संसद में इमरान की नियुक्ति को चुनौती देने जितनी संख्या होना मुश्किल है। पीएमएल-एन ने पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के साथ गठबंधन किया है। इस गठबंधन में कुछ और छोटी राष्ट्रवादी और धार्मिक पार्टियां हैं। इस गठबंधन को ऑल पार्टी कॉन्फ्रेंस नाम दिया गया है।
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