
आलोग गुप्ता | लगातार पांच हार के बाद आखिरकार इंग्लैंड को वर्ल्ड कप में कई हफ्तों बाद जीत का स्वाद चखने का मौका मिला। खिताबी दौड़ से बाहर हो चुकी डिफेंडिंग चैंपियन इंग्लैंड ने बुधवार रात नीदरलैंड्स को 160 रन से हराया। इंग्लैंड की ये आठ मैच में सिर्फ दूसरी ही जीत है।
इस विशाल जीत के साथ अब इंग्लैंड पॉइंट्स टेबल पर आखिरी से सातवें नंबर पर आ चुकी है। इंग्लैंड को अब वर्ल्ड कप का अपना आखिरी मैच पाकिस्तान के खिलाफ कोलकाता में खेलना है। ये मुकाबला दोनों ही टीम के लिए बेहद अहम होगा। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए पाकिस्तान को हर हाल में जीत चाहिए तो इंग्लैंड भी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में क्वालीफाई करने के लिए जीत चाहेगा। याद हो कि विश्व कप में पाकिस्तान को छोड़कर शीर्ष सात स्थानों पर रहने वाली टीमें चैंपियंस ट्रॉफी के लिए क्वालीफाई करेगी। चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन 2025 में पाकिस्तान में होगा और मेजबान के तौर पर पाकिस्तान ने क्वालीफिकेशन हासिल कर लिया है।
उलटफेर नहीं कर पाया नीदरलैंड्स – नीदरलैंड्स ने साउथ अफ्रीका और बांग्लादेश को हराकर वर्ल्ड कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ डच प्लेयर्स बुरी तरह फ्लॉप साबित हुए।
आज अंक तालिका में नौवें और 10वें नंबर की टीम की टक्कर थी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बेन स्टोक्स के वर्ल्ड कप में पहले शतक के बूते इंग्लैंड ने स्कोरबोर्ड पर नौ विकेट के नुकसान पर 339 रन बनाए। जवाब में नीदरलैंड्स की टीम 37.2 ओवर में सिर्फ 179 रन पर ही सिमट गई और 160 रन के बड़े अंतर से मुकाबला गंवा बैठी। नीदरलैंड्स के लिए तेजा निदमानमुरू ने सर्वाधिक नाबाद 41 रन बनाए। आदिल रशीद-मोईन अली ने दो-दो विकेट लिए।
जीत से मिला हार के जख्म पर मरहम – आईसीसी ने टूर्नामेंट के दौरान बताया कि मेजबान पाकिस्तान के अलावा वर्ल्ड कप की शीर्ष सात टीमें 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के लिए क्वॉलिफाई करेंगी।
इसके बाद से सभी टीमों ने इसमें जगह बनाने के लिए जोर लगाना शुरू कर दिया। चार साल पहले चैंपियन बनी इंग्लैंड की टीम के लिए इस बार वर्ल्ड कप में कुछ भी अच्छा नहीं रहा। इससे पहले इंग्लैंड की कोई भी टीम वर्ल्ड कप में इतने अधिक मैच नहीं हारी है।
चैंपियंस ट्रोफी के लिए क्वॉलिफाई करने के लिए इंग्लैंड को अब पाकिस्तान को भी हराना होगा।
लय में लौटे इंग्लिश बल्लेबाज – इंग्लैंड को इस मैच में सलामी बल्लेबाज डाविड मलान ने 10 चौके और दो छक्के की मदद से 74 गेंद में 84 रन की पारी खेल तेज शुरुआत दिलाई जबकि 83 गेंद में 108 रन बनाने वाले स्टोक्स ने मध्यक्रम में टीम को स्थिरता दिलाने के बाद आखिरी ओवरों में तेजी से रन जुटाए।
स्टोक्स को आखिरी ओवरों में वोक्स का अच्छा साथ मिला, जिन्होंने 45 गेंद में 51 रन बनाए।
हैरी ब्रुक (11 रन), कप्तान जोस बटलर (पांच) और मोईन अली (चार) एक बार फिर प्रभावित करने में नाकाम रहे। इंग्लैंड का स्कोर 36 ओवर में छह विकेट पर 192 रन हो गया। इसके बाद स्टोक्स और वोक्स ने 129 रन की साझेदारी कर टीम के स्कोर को 300 रन के पार पहुंचाया।
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