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अमेरिका में फिर गईं सरकारी नौकरियां, एक झटके में USAID में 1600 छंटनी, मोटी सैलरी पाते हैं यहां के कर्मचारी


अमेरिका दुनियाभर में मदद मुहैया कराने के लिए पैसे देता है। जिस एजेंसी को पैसे देने और विकास करने का जिम्मा सौंपा गया है, उसका नाम ‘यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट’ (USAID) है, जहां से लोगों की छंटनी की गई है। करीब 1600 लोगों को नौकरी से निकाला गया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेश में मदद मुहैया कराने वाली एजेंसी ‘यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट’ (USAID) के 1600 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि एजेंसी के दुनियाभर में मौजूद ज्यादातर कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया गया है। ये कदम चारों ओर चर्चा का विषय बना है। ट्रंप की तरफ से जारी आदेश में कहा गया कि एजेंसी के लिए बेहद जरूरी स्टाफ और मुख्य लीडरशिप को छोड़कर सभी कर्मचारियों छुट्टी पर रहेंगे।
सरकारी आदेश के मुताबिक, करीब 4200 कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्हें पेड लीव पर भेज दिया गया है। इसका मतलब है कि वे काम पर नहीं आएंगे, लेकिन सरकार की तरफ से उन्हें सैलरी मिलती रहेगी। राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क को ‘डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी’ (DoGE) का चीफ बनाया है। इस डिपार्टमेंट का काम सरकारी खर्चों में कटौती करना है। DoGE की सिफारिशों पर काम करते हुए सरकार के आकार को कम करने की दिशा में उठाया गया ये नवीनतम कदम है।
छंटनी से पहले USAID में काम करते थे 10 हजार कर्मचारी – अमेरिका के एक फेडरल जज ने शुक्रवार को ही उनकी इस योजना को ग्रीन सिग्नल दिया था। USAID वही संस्था है, जिसके बारे में राष्ट्रपति ट्रंप दावा कर चुके हैं कि इस संस्था ने भारत में वोटर टर्नआउट बढ़ाने के लिए 182 करोड़ रुपये की फंडिंग दी थी। हालांकि DoGE ने भारत समेत दुनियाभर में दी जा रही ऐसी 15 फंडिंग को बंद कर दिया है। इस संस्था की स्थापना 1961 में की गई थी, जिसमें हालिया छंटनी से पहले तक करीब 10 हजार कर्मचारी काम कर रहे थे।
USAID में कितनी सैलरी मिलती है? – अमेरिका की इस एजेंसी में कर्मचारियों की सैलरी उनके जॉब रोल और एक्सपीरियंस के आधार पर तय होती है। सैलरी का हिसाब-किताब रखने वाली वेबसाइट ग्लासडोर के मुताबिक, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट स्पेशलिस्ट को यहां सालाना 44 लाख रुपये तक दिए जाते हैं। इंजीनियरिंग मैनेजर की सैलरी सालाना 1.36 करोड़ रुपये तक है। प्रोग्राम एनालिस्ट की सालाना सैलरी 86 लाख रुपये तक है। डाटा एनालिस्ट को USAID में सालाना एक करोड़ रुपये तक दिए जा रहे हैं। यहां औसतन सालाना सैलरी ही 81 लाख रुपये है।