
ईरान ने कहा कि गुरुवार को उसने देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित रूप से किए गए अपराध के लिए दोषी एक कैदी को फांसी दे दी। यह ईरान द्वारा दिए गए इस तरह के मृत्युदंड का पहला मामला है। यह फांसी ऐसे समय दी गई है जब अन्य बंदियों को भी विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए संभावित रूप से मृत्युदंड का सामना करना पड़ सकता है। ईरान की नैतिकता पुलिस के खिलाफ एक आक्रोश के रूप में शुरू हुआ यह प्रदर्शन 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से देश के ‘धर्मतंत्र’ के लिए सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक बन गया।
अन्य प्रदर्शनकारियों को भी मौत की सजा दे सकता है ईरान – कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि जल्द ही अन्य लोगों को भी मौत की सजा दी जा सकती है क्योंकि उनके मुताबिक अब तक कम से कम एक दर्जन लोगों को प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए मौत की सजा मिली है। ईरान की मिजान समाचार एजेंसी ने फांसी दिए जाने की खबर दी। उसने सजा पाए व्यक्ति पर तेहरान में एक सड़क को अवरुद्ध करने और सुरक्षा बल के एक सदस्य पर हमला करने का आरोप लगाया। देश की न्यायपालिका द्वारा संचालित मिजान समाचार एजेंसी ने मारे गए व्यक्ति की पहचान मोहसिन शेखरी के रूप में की है।
ईरान ने कुछ दिनों पहले ही नैतिकता पुलिस को किया था सस्पेंड – ईरान ने कुछ दिनों पहले ही विरोध प्रदर्शनों को शांत करने के लिए नैतिकता पुलिस को सस्पेंड कर दिया था। यह पुलिस पूरे देश में लोगों से जबरन इस्लामिक रीति रिवाज का पालन करवाती थी। उल्लंघन करने वालों को नैतिकता पुलिस गिरफ्तार कर कड़ी सजा भी दिलवाती थी। ईरान में महिला को भी सख्त ड्रेस कोड का पालन करना पड़ता है। इसी ड्रेस कोड को न मानने के आरोप में नैतिकता पुलिस ने महसा अमीनी नाम की एक लड़की से मारपीट की थी। जिसकी गिरफ्तारी के बाद मौत हो गई थी।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website