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पिछले कुछ वर्षों से उनका पार्टी से; मणिशंकर अय्यर के बयान से क्या कहकर कांग्रेस ने किया किनारा, बहुत लंबी है बयानों की लिस्ट


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर अपने बयान से पार्टी को मुश्किल में डाल दिया है। केरल को लेकर मणिशंकर अय्यर की ओर से दिया गया बयान ऐसे वक्त में आया है जब कांग्रेस केरल की सत्ता में वापसी करने की कोशिश कर रही है। कुछ ही समय बाद केरल में विधानसभा चुनाव होने हैं। मणिशंकर अय्यर ने कहा कि पिनराई विजयन केरल के मुख्यमंत्री के रूप में बने रहेंगे। मणिशंकर अय्यर के बयान के कुछ ही समय बाद कांग्रेस ने इस बयान से पूरी तरह किनारा कर लिया। इतना ही नहीं कांग्रेस की ओर से कहा गया कि पिछले कुछ वर्षों से इस अनुभवी नेता का पार्टी से कोई संबंध नहीं है। हालांकि यह पहली बार नहीं है। इससे पूर्व भी वह बयानों से पार्टी को मुश्किल में डाल चुके हैं।
मणिशंकर अय्यर के बयान पर क्या बोली कांग्रेस – कांग्रेस ने मणिशंकर अय्यर के बयान से खुद को अलग कर लिया। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि पिछले कुछ वर्षों से इस अनुभवी नेता का पार्टी से कोई संबंध नहीं है और वह पूरी तरह से अपनी व्यक्तिगत क्षमता में बोलते और लिखते हैं। उनकी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से उनका कांग्रेस से कोई संबंध नहीं रहा है। वह पूरी तरह से अपनी निजी क्षमता से बोलते और लिखते हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने खेड़ा की पोस्ट को X पर टैग करते हुए कहा कि केरल की जनता अधिक जिम्मेदार और जवाबदेह शासन के लिए यूडीएफ को सत्ता में वापस लाएगी।
लेफ्ट नेता की तारीफ में क्या बोले थे मणिशंकर अय्यर – कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने रविवार को भरोसा जताया कि माकपा नेता पिनराई विजयन केरल के मुख्यमंत्री बने रहेंगे। विजन 2031: विकास और लोकतंत्र शीर्षक से आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में कहा कि पंचायती राज व्यवस्था में केरल के शीर्ष स्थान को कानूनी रूप से सुरक्षित करने के लिए आवश्यक संशोधन किए जाने चाहिए और इसके लिए सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि यह विडंबनापूर्ण लग सकता है कि इस लक्ष्य की दिशा में सबसे सराहनीय प्रगति करने वाला राज्य केरल है, जहां भारत की मार्क्सवादी-लेनिनवादी पार्टी का शासन है।