
इजरायल-अमेरिका द्वारा संयुक्त रूप से ईरान पर किए गए हमले के बाद मिडिल ईस्ट में संकट के हालात हैं। तेहरान पर की गई एयरस्ट्राइक में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। जिसका भारत, पाकिस्तान, ईरान समेत कई देशों में जबरदस्त विरोध हो रहा है। विदेश नीति जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भारत में पक्ष और विपक्ष की भी राय अलग-अलग है।
खामेनेई की मौत पर जहां, सरकार ने चुप्पी साधते हुए संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की जरूरत पर जोर दिया है। वहीं विपक्ष ने खुलकर इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विरोध किया है। अब कांग्रेस के राज्यसभा सांसद व BCCI के उपाध्यक्ष ने ट्रंप की चुटकी ली है।
‘एक शांति पुरस्कार तो बनता ही है’ – राजीव शुक्ला ने मंगलवार को सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इतनी लड़ाइयां करवी दीं, उनके लिए एक नोबेल शांति पुरस्कार तो बनता ही है।’ दरअसल शुक्ला का यह तंज ईरान-इजरायल युद्ध, रूस-यूक्रेन और हाल में ही अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला पर किए गए हमले को लेकर था।
खामेनेई की हत्या पर कांग्रेस ने क्या कहा? – वहीं कांग्रेस ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की लक्षित हत्या की ‘‘स्पष्ट रूप से’’ निंदा करते हुए रविवार को कहा कि किसी भी बाहरी शक्ति को सत्ता परिवर्तन कराने का अधिकार नहीं है। कांग्रेस ने कहा कि ऐसी कार्रवाइयां साम्राज्यवाद के समान हैं और वे नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के अनुरूप नहीं हैं।
कांग्रेस ने कहा, युद्ध की औपचारिक रूप से घोषणा किए बिना एक सैन्य हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अली हुसैनी खामेनेई की लक्षित हत्या किए जाने की स्पष्ट रूप से निंदा करती है।
कांग्रेस ने बयान जारी कर कहा, कांग्रेस इस गहरे शोक की घड़ी में सर्वोच्च नेता के परिवार, ईरान के लोगों और दुनिया भर के शिया समुदाय के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है।
ईरान में 555 लोगों की मौत – ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, अमेरिका-इजराइल अभियान में ईरान में अब तक कम से कम 555 लोग मारे जा चुके हैं और देश भर के 130 से अधिक शहर हमलों की चपेट में आ चुके हैं। इजराइल के अधिकारियों के अनुसार, इजराइल में ग्यारह लोग मारे गए हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को ईरान ने दी धमकी – अमेरिकी-इजरायली हमले के जवाब में ईरान ने भी इजरायल, यूएई समेत खाड़ी के कई देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल से हमला किया है। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर धमकी दे रहा है। यह जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी का संकरा मुहाना है जिससे होकर तेल व्यापार का पांचवां हिस्सा गुजरता है। वहां कई जहाजों पर हमले भी हो चुके हैं। ऐसे में इस युद्ध का असर वैश्विक स्तर पर पड़ेगा, भारत भी इससे अछूता नहीं रहेगा।
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