
लंदनः ब्रिटेन क्वीन एलिजाबेथ के वंश को लेकर एक बड़ा राज सामने आया है। मोरक्को के अखबार की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय इस्लाम के संस्थापक मोहम्मद पैगंबर की वंशज हैं। अखबार की रिपोर्ट में दावे के बाद यह खबर सुर्खियों में है। हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं जब ये दावे किए गए हों। ब्रिटेन के शाही फैमिली के वंशावली की 43 पीढ़ियों को ट्रेस करने के बाद इतिहासकारों का दावा है कि एलिजाबेथ द्वितीय का इस्लाम के वंशजों से संबंध है। रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन की महारानी वाकई पैगंबर की 43वीं वंशज हैं।
साल 1986 में शाही वंश पर अध्ययन करने वाली संस्था बर्क्स पीरगे के पब्लिशिंग डायरेक्टर हैरल्ड बी ब्रूक्स बेकर ने यह दावा किया था। लेकिन अब मोरक्को के एक अखबार ने मार्च महीने में अपने आर्टिकल में ऐसा ही दावा किया है। इतिहासकारों के मुताबिक एलिजाबेथ द्वितीय की ब्लडलाइन 14वीं सदी के अर्ल ऑफ कैंब्रिज से है और यह मध्यकालीन मुस्लिम स्पेन से लेकर पैगंबर की बेटी फातिमा तक जाती है। फातिमा हजरत मोहम्मद की बेटी थीं और उनके वंशज स्पेन के राजा थे, जिनसे महारानी का संबंध बताया जा रहा है। इसी वजह से, महारानी को मोहम्मद का वंशज कहा जा रहा है।गौरतलब है कि इस्लाम का आरम्भ स्पेन में 711 ईसवी में अरब के बनी उमैय्या के शासनकाल में हुआ था। मुस्लिम शासन वहां 1492 ईसवी तक रहा।
बर्क्स पीरगे ने अपने दावे में कहा था कि महारनी मुस्लिम राजकुमारी जाइदा के परिवार से हैं। अलमोराविद्स ने जब अब्बासी सल्तनत पर हमला किया तो जाइदा अपनी जान बचाने के लिए स्पेन के राजा किंग अल्फोंसो छठे के दरबार में पहुंच गई थी। वहां उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया और किंग से शादी करके अपना नाम इसाबेला रख लिया। किंग से उनको एक लड़का पैदा हुआ जिनका नाम सांचा था। थर्ड अर्ल ऑफ कैंब्रिज रिचर्ड ऑफ कौन्सबर्ग सांचा के वंशज थे जो इंग्लैंड के किंग एडवर्ड तृतीय के पोते थे। हालांकि, जब इस मसले पर बकिंगम पैलेस से हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया ने सवाल किया तो कहा गया, ‘हम इस तरह के दावों पर कोई जवाब नहीं देते हैं।’
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