
भारत ने रूस से S-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस सिस्टम के 5 अतिरिक्त स्क्वाड्रन खरीदने की तैयारी तेज कर दी है। यह इसके उस दो स्क्वाड्रन के अतिरिक्त है, जिसकी अभी रूस से डिलीवरी होनी बाकी है। भारत को S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की ताकत का अंदाजा ऑपरेशन सिंदूर में लग चुका है। रूस से अतिरिक्त स्क्वाड्रन मंगवाने की चर्चा ऐसे समय में तेज हुई है, जब ईरान में चाइनीज एयर डिफेंस सिस्टम HQ-9B के बुरी तरह से फेल होने की रिपोर्ट आ रही हैं।
मिशन सुदर्शन चक्र का हिस्सा एस-400 – भारतीय सशस्त्र सेना में शामिल रूस में बने S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ का हिस्सा बन चुका है। भारत की ओर से इसकी अतिरिक्त खेप मंगवाने की सुगबुगाहट उत्तरी और पश्चिमी दोनों मोर्चों पर सैन्य जरूरतों को देखते हुए शुरू हुई है।
ऑपरेशन सिंदूर में एस-400 ने भरोसा जीता – ऑपरेशन सिंदूर में चार दिनों के संघर्ष के दौरान S-400 सिस्टम ने पाकिस्तानी एयर फोर्स के 5 से 6 लड़ाकू विमानों को जमींदोज कर दिया था, जिसमें पाकिस्तान का एक खुफिया विमान भी शामिल था, जिसे पाकिस्तान के 300 किलोमाटर भीतर मारकर गिराया गया था। भारतीय वायु सेना इसका जिक्र ‘लॉन्गेस्ट एवर एयर किल’ बताकर करती है।
पाकिस्तान में भी फेल हो चुके हैं HQ-9B – ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने चीन से खरीदे गए HQ-9B एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए थे, लेकिन न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार ‘अधिकारियों का दावा है कि भारतीय लड़ाकू विमानों के खिलाफ यह कुछ नहीं कर सके और वे पाकिस्तान के भीतर अनेकों टारगेट को तबाह करने में सफल रहे।’
वेनेजुएला-ईरान में भी नाकाम रहा HQ-9B – इस तरह की रिपोर्ट पहले भी आ चुकी हैं कि चाइनीज एयर डिफेंस सिस्टम उस समय भी मुंह ताकते रह गए थे, जब जनवरी में अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके बेडरूम से अगवा कर किया।
इसी तरह से अब HQ-9B एयर डिफेंस सिस्टम के ईरान में भी बुरी तरह फेल होने के दावे किए जा रहे हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई और उनका परिवार का इजरायर-अमेरिका हमले में मारा गया और चाइनीज एयर डिफेंस सिस्टम फिर से नाकाम साबित हुआ।
एयर डिफेंस सिस्टम HQ-9B को किसने बनाया
चीन की एयरोस्पेस साइंड एंड इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन ने बनाया
लंबी दूरी की सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम है
रूसी S-300PMU और अमेरिकी पैट्रियट PAC-2 से प्रेरित
चीन HQ-9B को पूरी तरह स्वदेशी होने का दावा करता है
2026 में विकसित, एक दशक से ज्यादा समय से संचालन में
चाइनीज एयर डिफेंस सिस्टम HQ-9B की क्षमता
इसकी अधिकतम रेंज लगभग 260 किलोमीटर है
इंटरसेप्शन की रेंज करीब 50 किलोमीटर ऊंचाई तक है
फाइटर एयरक्राफ्ट, क्रूज मिसाइल और कुछ मामलों में ब्लास्टिक मिसाइल को रोकने के लिए डिजाइन की गई
चीन का दावा-स्टील्थ फाइटर एयरक्राफ्ट और इलेक्ट्रोनिक वॉरफेयर सिस्टम के खिलाफ कारगर
चीन का दावा-एक साथ लगभग 100 टारगेट को ट्रैक करने में सक्षम
चीन का दावा-एक समय पर 6 से 8 टारगेट को निशाना बनाने में सक्षम
चीन की सेना पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी ने बीजिंग, तिब्बत और दक्षिण चीन सागर में की तैनाती
एस-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस सिस्टम क्या है
लंबी दूरी की सरफेस टू एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम है
रूस के अल्माज-एंटे (Almaz-Antey) ने विकसित किया है
2018 में भारत के साथ हुआ खरीद का करार
भारत में एयर डिफेंस सिस्टम मिशन सुदर्शन चक्र का हिस्सा
एस-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस सिस्टम की ताकत
हमले का रेंज 400 किलोमीटर दूर तक
600 किलोमीटर रेंज तक हवाई खतरे को पहचान लेने में सक्षम (मिसाइलों पर निर्भर)
सिंगल बैटरी से कई तरह के इंटरसेप्टर एकसाथ फायर करने की क्षमता
लॉन्ग रेंज इंटरसेप्टर 400 किलोमीटर तक (लड़ाकू विमान, क्रूज मिसाइल और ब्लास्टिक मिसाइलों का दुश्मन)
मीडियम रेंज मिसाइल की रेंज 250 किलोमीटर तक के करीब
शॉर्ट रेंज मिसाइल की रेंज 120 किलोमीटर या कम
एकसाथ मल्टी लेयर रेस्पॉन्स में सक्षम एयर डिफेंस सिस्टम
एक साथ 100 से ज्यादा टारगेट को ट्रैक कर सकता है और एक ही समय पर कई टारगेट को तबाह करने में भी सक्षम है।
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