
लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी अब्दुल रहमान मक्की को पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया। गुरुवार को मक्की ने लाहौर जेल से एक वीडियो जारी करते हुए अल-कायदा या इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठनों के साथ किसी भी तरह के संबंध होने की खबरों का खंडन किया। मक्की ने यूएनएससी के खुद को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के फैसले पर खेद जताया और कहा कि फैसला सुनाने से पहले उसकी बात नहीं सुनी गई। पाकिस्तान का कुख्यात आतंकवादी अब्दुल रहमान मक्की आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ है। यूएनएससी में उसे वैश्विक आतंकी घोषित करने की राह में अब तक चीन अड़ंगा लगा रहा था।
मक्की ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 आईएसआईएल (Da’esh) और अल-कायदा प्रतिबंध समिति की ओर से सोमवार को वैश्विक आतंकवादियों की सूची में नाम शामिल किए जाने के बाद एक वीडियो जारी किया है। यूएनएससी के कदम के बाद मक्की के खिलाफ संपत्ति जब्त करना, ट्रैवल बैन और हथियार प्रतिबंध जैसी कार्रवाइयां की जा सकेंगी। भारत में मोस्ट वॉटेंड मक्की 26/11 मुंबई आतंकी हमले का आरोपी है। साल 2000 में लाल किले पर हुए हमले में भी उसका नाम आता है।
‘मैं लादेन या जवाहिरी से कभी नहीं मिला’ – जेल से वीडियो जारी करते हुए मक्की ने कहा, ‘मेरा मानना है कि आतंकी सूची में मेरा नाम शामिल करने का फैसला भारत सरकार की गलत सूचनाओं पर आधारित है। मैं ओसामा बिन लादेन, अयमान अल-जवाहिरी या अब्दुल्ला आज़म से कभी नहीं मिला, जैसा कुछ रिपोर्ट्स में आरोप लगाया गया है।’ मक्की ने दावा किया कि अल-कायदा और आईएसआईएस की हरकतें उसकी विचारधारा के बिल्कुल विपरीत है। उसने कहा, ‘मैं इस तरह के समूहों की ओर से किए गए सभी प्रकार के आतंकवाद और हिंसा की निंदा करता हूं।’
हाफिज सईद का साला है मक्की – अब्दुल रहमान मक्की ने सुरक्षा परिषद की कार्रवाई पर ‘खेद जताया’ और कहा कि उसे सुनवाई का कोई मौका नहीं दिया गया। उसने 1980 के दशक में इस्लामाबाद में इस्लामिक यूनिवर्सिटी में फैकल्टी होने के दावों से भी इनकार किया, जहां खुफिया एजेंसियां उस पर अल-कायदा या अफगान कमांडरों से मिलने का आरोप लगाती हैं। आतंकी हाफिज सईद का साला मक्की लश्कर के पॉलिटिकल विंग जमात-उद-दावा का प्रमुख है। कश्मीर में हुए कई आतंकी हमलों के पीछे उसका हाथ था।
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