
भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए हो रहे 114 मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) या राफेल फाइटर जेट सौदे में सोर्स कोड का ट्रांसफर जरूरी होगा और इससे कोई समझौता नहीं होगा। इससे लग रहा है कि भारतीय वायु सेना के लिए आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दिया जाना तय है। इससे पहले एक्सपर्ट यही सवाल उठा रहे थे कि फ्रांस के साथ करीब 36 अरब डॉलर की इस डील को लेकर चल रही बातचीत में अगर सोर्स कोड ट्रांसफर नहीं होगा तो भविष्य में यह सौदा बहुत ही भारी पड़ेगा।
राफेल डील में सोर्स कोड ट्रांसफर करना होगा – द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि 114 मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) की खरीद को लेकर चल रही बातचीत में इस बात की पुष्टि हो गई है कि कंपनी को सोर्स कोड का ट्रांसफर करना होगा। इन विमानों की खरीद की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही इसे मंजूरी के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद (Defence Acquisition Council) को भेजा जाएगा।
स्वदेशी हथियार, कनेक्टिविटी से भी समझौता नहीं – रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि ये 114 राफेल जेट में जब भी जरूरत होगी इसमें स्वदेशी हथियारों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। सूत्र के अनुसार, ‘एयर फोर्स की जरूरतों के हिसाब से (स्वदेशी) हथियारों को इससे जोड़ने की अनुमति पर कोई समझौता नहीं होगा।’ ‘इसी तरह से दूसरे विमानों के साथ कनेक्टिविटी भी अनिवार्य होगा, चाहे वह विमान अलग कंपनी का ही क्यों न हो।’
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