
इस्लामाबादः पाकिस्तान की आर्थिक स्थिती को देखते है प्रधानमंत्री इमरान खान तरह तरह के तरीके अपनाते हुए उसे सुधारने की कोशिश कर रहे है पर शायद एेसा हो पाना बेहद मुश्किल ही नहीं नामूकिन सा है। पहले पाकिस्तान में IMF से मदद की गुहार लगाते हुए भीख मांगी पर जब IMF ने मदद करने से इंकार कर दिया तो खुद को संतुष्ट करते हुए कहा कि हमें आईएमएफ से मदद लेने की जरूरत नहीं हमारे पड़ोसी मित्र देश हमारी मदद करेंगे और अब पाकिस्तान नें सऊदी अरब से पैसो की भीख मांगी है।
प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को कहा कि सरकार को अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सऊदी अरब से संभावित ऋणों की बहुत आवश्यकता है। इमरान खान सऊदी अरब में‘दावोस इन द डेकार्ट’अंतरराष्ट्रीय निवेश सम्मेलन में भाग लेने के लिए गए हैं। गौरतलब है कि इस सम्मेलन का इस्तांबुल में सऊदी वाणिज्य दूतावास में पत्रकार जमाल खशोगी की मौत के विरोध में अन्य नेताओं ने बहिष्कार किया है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने सऊदी जाने से पहले कहा कि वह जमाल खशोगी की मौत पर ङ्क्षचतित हैं लेकिन रियाद से संभावित सहायता के कारण सम्मेलन में हिस्सा लेना नहीं छोड़ सकते हैं।
दूसरी बार गए है सऊदी
एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट की मुताबिक, खान की यह एक महीने से अधिक समय में सऊदी अरब की दूसरी यात्रा है, लेकिन वह ऋण संकट को रोकने के लिए अब तक महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता हासिल करने में सफल नहीं हो पाए। उन्होंने ‘मिडल ईस्ट आई’ को दिए एक साक्षात्कार में बताया कि वह फिर से सऊदी नेताओं से मिलने के लिए निमंत्रण नहीं प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि इस अवसर का लाभ उठाना है क्योंकि पाकिस्तान भयानक आर्थिक संकट से जूझ रहा है। जब तक कि हम मित्र देशों या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से ऋण प्राप्त नहीं करते तब तक अगले दो या तीन महीने में विदेश विनिमय के लिए हमारे पास ऋण नहीं है और न ही हमारे पास आयात के लिए भुगतान के लिए राशि है। इसलिए इस समय हम हताश हैं।PAK की आर्थिक स्थिती को सुधारने की कोशिश में इमरान, अब सऊदी अरब मांगी से भीख
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