
काम के बोझ से तनावग्रस्त हो रहे कर्मचारियों को फ्रांस सरकार ने नए साल पर एक बेहतरीन तोहफा दिया है। श्रम मंत्रालय ने कर्मचारियों के लिए ‘राइट टू डिसकनेक्ट’ कानून लागू कर दिया है। इसके बाद अब कर्मचारियों को छुट्टी के समय ई-मेल का जवाब नहीं देना पड़ेगा। वह अपने परिवार के साथ काम का तनाव लिए बिना स्वतंत्र होकर छुट्टी बिता सकेंगे।
छुट्टी के बाद भी लगातार स्मार्ट फोन आदि पर चिपके रहने वाले कर्मचारियों को अब राहत मिलेगी। कर्मचारी कार्रवाई का डर दिमाग में लाए बिना कंपनी के ई-मेल संदेशों को नजरअंदाज कर सकेंगे। फ्रांस में एक जनवरी से ही ‘राइट टू डिसकनेक्ट’ कानून लागू हो गया है। जिन कंपनी में 50 से ज्यादा कर्मचारी हैं, उन्हें इस कानून का पालन करना होगा। कंपनी छुट्टी के समय किसी भी कर्मचारी को काम के लिए परेशान नहीं कर सकेंगी।
पार्लियामेंट में ‘राइट टू डिसकनेक्ट’ कानून बिल रखने के दौरान पार्लियामेंट के सदस्य बेनॉयट हामन ने कहा कि कर्मचारी भले ही शारीरिक तौर पर छोड़ देते हैं, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक पट्टा उनके गले से कभी नहीं उतरता है। वह बार-बार अपने ईमेल, टेक्स्ट संदेश बॉक्स आदि देखते रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तो इस कानून का उल्लंघन करने पर कोई जुर्माने का प्रावधान नहीं किया गया है। उम्मीद है कि कंपनियां स्वेच्छा से इस कानून को लागू करेंगी। फ्रांस में कर्मचारी यूनियन लंबे समय से ‘राइट टू डिसकनेक्ट’ की मांग कर रहे थे। कुछ कंपनी पहले ही इस लागू कर चुकी हैं। अब श्रम मंत्रालय ने भी इस कानून को लागू कर दिया है।
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