
संयुक्त राष्ट्र परिषद में (UNSC) में मंगलवार को भारतीय राजदूत और स्थायी सदस्य सैयद अकबरुद्दीन ने दाऊद इब्राहिम का मुद्दा उठाते हुए कहा कि दाऊद की डी कंपनी देश के लिए खतरा बनती जा रही है। अकबरुद्दीन ने कहा कि उन्होंने दाऊद इब्राहिम के क्रिमिनल सिंडिकेट को आतंकवादी नेटवर्क में बदलते हुए देखा है जिसे डी कंपनी के नाम से जाना जाता है। उन्होंने आगे कहा कि डी कंपनी की गतिविधियां बाहर शायद ही कम जानी जाती हों लेकिन, देश के लिए यह बेहद ही बड़ा खतरा है।
अकबरूद्दीन ने बताया कि सोने की तस्करी, नकली पैसों की छपाई, हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी आदि फिलहाल, बड़ा खतरा हैं। पाकिस्तान का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसके बारे में सब जानते है लेकिन, फिर भी इसे संरक्षण दे रहे हैं। सैयद अकबरूद्दीन ने संयुक्त राष्ट्र से अनुरोध करते हुए कहा कि जैसे ISIL के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया गया वैसा ही अभियान दाऊद इब्राहिम और उनकी डी कंपनी के खिलाफ चलाया जाना चाहिेए।
गौरतलब है कि इससे पहले विदेश मंत्रालय के सचिव रविश कुमार ने दाऊद इब्राहिम को लेकर पाकिस्तान की सफाई पर जवाब देते हुए कहा था कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ संभव ही नहीं है। उन्होंने कहा कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में है। हमारे पास उसके ठिकानों तक की जानकारी है। तो इसलिए पाकिस्तान झूठी कार्रवाई के दिखावा ना करे। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान दाऊद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दोहरी नीति अपनाता है।
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