
ईरान ने बुधवार को कहा कि उसने अपने आंतरिक मामलों में जर्मनी के कथित हस्तक्षेप पर उसके दो राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है। इससे पूर्व घातक हमलों के आरोप में ईरान सरकार के एक आलोचक को मृत्युदंड दिए जाने के बाद जर्मनी ने दो राजनयिकों को निलंबित कर दिया था। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने ‘‘अत्यधिक” मांगों को लेकर जर्मन राजदूत को तलब किया था। हालांकि इस बारे में विस्तार से नहीं बताया गया। ईरान ने हाल के महीनों में कई बार यूरोपीय राजनयिकों को तलब किया है। ईरान ने पश्चिमी देशों पर देशव्यापी सरकार विरोधी प्रदर्शनों को भड़काने का आरोप लगाया है।
सितंबर में ईरान की नैतिक पुलिस की हिरासत में एक युवती की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन भड़क उठे थे। ईरान सरकार के आलोचक जमशीद शर्माद को मृत्युदंड दिए जाने के विरोध में जर्मनी ने उसके दो राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था। ईरान ने शर्माद पर 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले ईरान पर शासन करने वाले पश्चिम समर्थित राजशाही को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध एक समूह के सशस्त्र विंग का नेतृत्व करने का आरोप लगाया।
शर्माद के परिवार का कहना है कि वह केवल विपक्षी समूह के प्रवक्ता थे और किसी भी हमले में उनके शामिल होने से इंकार किया। जर्मनी की विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक ने ईरान दूतावास के प्रभारी को पिछले हफ्ते तलब कर कहा कि जर्मन नागरिक के अधिकारों का उल्लंघन हुआ। बेयरबॉक ने कहा कि कैलिफोर्निया के ग्लेनडोरा में रह रहे शर्माद को निष्पक्ष मुकदमे का भी मौका नहीं दिया गया। शर्माद के परिवारवालों ने कहा कि उन्हें 2020 में संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में अगवा कर लिया गया और ईरान ले जाया गया।
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