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G4 में जापान, जर्मनी, ब्राजील के समकक्षों से मिले जयशंकर, UNSC में रिफॉर्म पर हुई क्या बात


विदेश मंत्री एस जय शंकर ने म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस,2026 के दौरान जी4 (G4) देशों के विदेश मंत्रियों के साथ भी एक बैठक की है। दक्षिणी जर्मनी के म्यूनिख शहर में हुई यह बैठक अपने आप में पहली है, क्योंकि जी4 देशों के विदेश मंत्री कभी इस तरह से इससे पहले अलग से नहीं मिले थे। इस बैठक का मुख्य एजेंडा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार रहा, जिसे बदलते जियोपॉलिटिक्स में बहुत ही जरूरी माना जा रहा है।
जी4 में कौन-कौन देश शामिल – जी4 में भारत के अलावा, जापान, जर्मनी और ब्राजील शामिल हैं। इन चारों देशों के विदेश मंत्रियों की यह बैठक शनिवार रात को डिनर पर हुई है। इस बैठक का एजेंडा था, संयुक्त राष्ट्र (UN) में अंतरराष्ट्रीय समुदाय का विश्वास बहाल रखना। बैठक में इन चारों सहभागियों ने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया में जो अनिश्चितता का माहौल बढ़ रहा है, उसमें संयुक्त राष्ट्र को बड़ी भूमिका निभानी जरूरी है।
जी4 में यूएनएससी पर क्या बात हुई – इस बैठक की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा कि चारों देशों ने तय किया है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए ये देश अलग-अलग सरकारों के साथ तालमेल बनाना जारी रखेंगे और संबंधित देशों के साथ आगे भी विचार-विमर्श करते रहेंगे। इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर जी7 देशों के अपने सहयोगियों से भी मिले। उन्होंने यूएन@80 एजेंडा को भी भारत के समर्थन के प्रति प्रतिबद्धता जताई, खासकर सुरक्षा परिषद में जरूरी सुधार को लेकर। एक्स पर अपने पोस्ट में विदेश मंत्री जयशंकर ने जी4 की बैठक में मल्टीलैटरिज्म में सुधार की बात कही है।
यूएन80 का एजेंडा क्या है – संयुक्त राष्ट्र के अनुसार यूएन80 संयुक्त राष्ट्र की कार्य प्रणाली में बड़े सुधार की पहल है, जिसे महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मार्च 2025 में संयुक्त राष्ट्र की 80वीं वर्षगांठ पर लॉन्च किया था। इसका मकसद मुश्किल वैश्विक चुनौतियों से निपटने में संयुक्त राष्ट्र को ज्यादा फुर्तीला, संपूर्ण और तैयार बनाना है। इसके इरादे में दुनिया भर में शांति और सुरक्षा बनाए रखना भी शामिल है और इसके लिए लीडरशिप में ढांचागत सुधार की भी बात है। अभी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पांच ही स्थायी सदस्य हैं- अमेरिका, चीन, ब्रिटेन, रूस और फ्रांस। इन्हें वीटो का अधिकार है।