
इस साल जनवरी में अत्यधिक गर्मी महसूस हुई, जिससे यह अब तक का सबसे गर्म महीना रहा। यूरोपीय क्लाइमेट एजेंसी के अनुसार, 2025 का जनवरी औसत तापमान 13.23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले साल से ज्यादा था। कई हिस्सों में समुद्र की सतह का तापमान भी काफी बढ़ गया।
अगर आपने सर्दियों के इस मौसम में पिछले महीने यानी जनवरी में ज्यादा गर्मी का एहसास किया तो इसमें हैरत को कोई बात नहीं है। दरअसल, इस साल जनवरी के महीने में रेकॉर्ड सबसे अधिक गर्मी महसूस की गई। यूरोपीय क्लाइमेट एजेंसी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। ऐसा ‘ला नीना’ के प्रभाव के बावजूद हुआ। ‘ला नीना’ जलवायु संबंधी घटना है, जो आमतौर पर ग्लोबल टेम्प्रेचर यानी तापमान को ठंडा करता है। जनवरी में ही वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल ऑर्गेनाइजेशन (WMO) ने 2024 को अब तक का सबसे गर्म साल घोषित किया था।
2024 रहा था सबसे गर्म साल – जनवरी के महीने में सबसे अधिक तापमान की घटना ऐसे समय में हुई है, जब धरती पर 2024 को सबसे गर्म साल के रूप में अनुभव किया जा रहा है। यह पहला ऐसा साल होगा, जब औसत तापमान पूर्व-औद्योगिक स्तर (pre-industrial times) से 1.5 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक दर्ज किया गया। यूरोपीय क्लाइमेट सर्विस कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज के अनुसार, जनवरी 2025 में औसत तापमान 13.23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह पिछले साल सबसे गर्म जनवरी से 0.09 डिग्री और 1991-2020 के औसत से 0.79 डिग्री अधिक है। इस बीच दुनिया के कई हिस्सों में समुद्र की सतह का तापमान असामान्य रूप से अधिक रहा है। जनवरी में समुद्र की सतह का तापमान 20.78 डिग्री था।
कौन-से हिस्से गर्म और ठंडे रहे? – यूरोप के बाहर नॉर्थ-ईस्ट और नॉर्थ-वेस्ट कनाडा, अलास्का और साइबेरिया में औसत तापमान सामान्य से अधिक रहा। अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के अलावा अंटार्कटिक का औसत तापमान भी सामान्य से अधिक रहा। अमेरिका भी यही हाल रहा।
Home / Uncategorized / 2025 की जनवरी अब तक की सबसे गर्म, पूरी दुनिया में बढ़ रहा तापमान, कहीं खतरे की घंटी तो नहीं!
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