
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के कुछ दिनों बाद, हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की गई और ब्रिसबेन में भारतीय वाणिज्य दूतावास के पास खालिस्तानी झंडे देखे गए। दरअसल खालीस्तानी समर्थकों ने ब्रिस्बेन में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला किया और ऑफिस में अपना झंडा लगाया। ऑस्ट्रेलिया टुडे की एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी मिलती है। हाल के दिनों में ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय पर कट्टरपंथियों के हमले तेजी से बढ़ गए हैं।
द ऑस्ट्रेलिया टुडे के अनुसार, ब्रिस्बेन में भारत की वाणिज्य-दूत अर्चना सिंह को 22 फरवरी को कार्यालय से पास खालिस्तान का झंडा पाया। उन्होंने घटना के बारे में तुरंत क्वींसलैंड पुलिस को सूचित किया। अर्चना सिंह ने कहा, ‘पुलिस हमें सुरक्षित रखने के लिए इलाके की निगरानी कर रही है। हमें पुलिस अधिकारियों पर पूरा भरोसा है।’ 21 फरवरी को हुई यह घटना दो हिंदू मंदिरों को खालिस्तानी समर्थकों से धमकी भरे फोन आने के कुछ ही दिनों बाद आई है।
कट्टरपंथी फोन कर दे रहे धमकी – एक फोन कॉल पर, ब्रिस्बेन में गायत्री मंदिर के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाने और जनमत संग्रह का समर्थन करने के लिए कहा गया। इससे पहले, मेलबर्न में काली माता मंदिर को इस हफ्ते एक धमकी भरा फोन आया था, जिसमें धार्मिक आयोजन रद्द करने या ‘परिणाम भुगतने’ के लिए कहा गया था। 2023 की शुरूआत में, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में हिंदू मंदिरों में खालिस्तानी तत्वों की ओर से भारत विरोधी नारों और आपत्तिजनक चित्रों के दीवारों पर चिपकाने वाले बर्बर हमलों में तेजी देखी गई है।
ऑस्ट्रेलिया में तेजी से बढ़ रहा हिंदू धर्म – पिछले महीने 12 से 23 जनवरी के बीच मेलबर्न में तीन प्रमुख हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया गया। ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों ने कहा कि वे ‘खालिस्तान समर्थकों की ओर से शांतिपूर्ण हिंदू समुदाय के प्रति धार्मिक घृणा के खुले प्रदर्शन से नाराज, डरे हुए और निराश हैं’। जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में हिंदू धर्म सबसे तेजी से बढ़ने वाला धर्म है। 2021 की ऑस्ट्रेलियाई जनगणना में, हिंदू धर्म 55.3 प्रतिशत बढ़कर 684,002 हो गया।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website