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पाकिस्तानी पीएम पर खौफ का आलम तो देखिए, ऑपरेशन सिंदूर पर रोया दुखड़ा, बोले- न जाने कौन जिंदा रहता


पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने ट्रंप को शांति पुरुष करार दिया है। शरीफ ने कहा कि ट्रंप दूरदर्शी नेता हैं, अगर वह भारत-पाकिस्तान के बीच जंग नहीं रुकवाते तो न जाने कितने लोगों की जान चली जाती।
मिस्र के शर्म अल-शेख में आयोजित गाजा शांति सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जमकर तारीफ की। शरीफ ने ट्रंप को ‘मैन ऑफ पीस’ यानी शांति पुरुष बताते हुए कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोकने में अहम भूमिका निभाई। अगर ट्रंप यह संघर्ष नहीं रुकवाते तो न जानें कितने लोगों की जान चली जाती।
क्या आप कुछ कहना चाहेंगे? – शरम अल-शेख सम्मेलन में भाषण देते समय ट्रंप ने अचानक पीछे खड़े शरीफ की ओर मुड़कर कहा, ‘क्या आप कुछ कहना चाहेंगे? वह कहिए जो आपने मुझसे उस दिन कहा था।’ इस पर शरीफ मंच पर आए और बोले, ‘आज का दिन आधुनिक इतिहास के सबसे महान दिनों में से एक है, क्योंकि लगातार कोशिशों के बाद आखिरकार शांति हासिल हुई है। यह सब राष्ट्रपति ट्रंप की अगुवाई में हुआ, जो वास्तव में शांति के सच्चे समर्थक हैं और जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर इस दुनिया को शांति और समृद्धि की जगह बनाने की दिशा में काम किया।’
ट्रंप को नोबेल देने की फिर की वकालत – शरीफ ने यह भी दोहराया कि पाकिस्तान ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया है, क्योंकि उन्होंने भारत-पाकिस्तान युद्ध रोकने और सीजफायर कराने में योगदान दिया। शाहबाज शरीफ ने कहा, ‘मैं एक बार फिर इस महान राष्ट्रपति को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट करता हूं, क्योंकि उन्होंने न सिर्फ दक्षिण एशिया में शांति स्थापित की और लाखों जानें बचाईं, बल्कि अब गाजा में भी शांति लाने और मध्य पूर्व में करोड़ों लोगों की जान बचाने में योगदान दिया है।’