
इस्लामाबादः पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ को आज स्थानिय विशेष अदालत ने झटका देते हुए उसके राष्ट्रीय पहचान पत्र और पासपोर्ट निलंबित करने का आदेश दिया हैं। पाकिस्तान सरकार के आंतरिक मंत्रालय ने 1 जून को ही इस से जुड़ा एक आदेश जारी किया था। इसमें कहा गया था कि विशेष अदालत के 8 मार्च के फैसले के आधार पर मुशर्रफ का पासपोर्ट और पहचान पत्र रद्द कर दिया जाना चाहिए। अब इस आदेश के लागू हो जाने के बाद दुबई में रह रहे मुशर्रफ विदेश यात्रा नहीं कर सकेंगे। इसके साथ ही उनके बैंक खाते भी फ्रीज हो जाएंगे। बता दें कि 2007 में संविधान को पलटकर राष्ट्रपति शासन लगाने को लेकर उन पर देशद्रोह का मामला चल रहा है।
74 वर्षीय मुशर्रफ को वर्ष 2007 में देश में आपातकाल लगाने के लिए मार्च 2014 में राष्ट्रद्रोह के आरोपों में दोषी करार दिया गया था। देश में आपातकाल लगाने के बाद कई वरिष्ठ न्यायाधीशों को उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया था और 100 से अधिक जजों को बर्खास्त कर दिया गया था। पूर्व राष्ट्रपति 18 मार्च 2016 को चिकित्सा उपचार के लिए दुबई चले गए थे। कुछ महीने बाद , विशेष अदालत ने उन्हें भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया था और साथ ही मामले में उनके पेश नहीं होने के कारण उनकी संपत्ति जब्त करने का आदेश भी दिया था।
अदालत ने मार्च में आदेश दिया था कि संघीय सरकार उनके कम्प्यूटरीकृत राष्ट्रीय पहचान पत्र और पासपोर्ट को निलंबित कर दे। सूत्रों का कहना है कि अब या तो वह राजनीतिक शरण ले लें या पाकिस्तान लौटने के लिए विशेष दस्तावेजों का प्रबंध करें । मुशर्रफ ने 1999 से 2008 तक पाकिस्तान पर शासन किया था। वह पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या सहित कई आपराधिक मामलों को लेकर पाकिस्तान में वांछित हैं ।
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