
मध्यप्रदेश के उभरते हुए तेज गेंदबाज ऋत्विक दीवान का कहना है कि उनका मुख्य लक्ष्य भारत की टेस्ट टीम में खेलना है और खेल की शुरुआत से ही उनका यही सपना रहा है। एक खास बातचीत में ऋत्विक बताते हैं कि वे मध्यप्रदेश की टीम के लिए अंडर-14, अंडर -16 और अंडर-19 में खेल चुके हैं और इन दिनों अंडर-25 की टीम में चयनित होकर तेज गेंदबाज की भूमिका निभा रहे हैं। 23 साल के दाहिंने हाथ के तेज गेंदबाज ऋत्विक बताते हैं कि गेंदबाजी में उनका सबसे बड़ा हथियार बाउंसर है। साढ़े छह फीट की ऊंचाई वाले ऋत्विक नए गेंद की जिम्मेदारी संभालते हुए स्विंग गेंदबाजी पर भी भरोसा करते हैं और दाहिंने हाथ की बल्लेबाजी भी करते हैं।
होशंगाबाद के रहने वाले ऋत्विक बताते हैं कि वे 5वीं कक्षा से ही क्रिकेट के साथ जुड़ गए थे और वहीं की एक एकेडमी में ही क्रिकेट के शुरुआती गुर सीखे। नौंवी कक्षा के विद्यार्थी के रुप में उन्होंने मध्यप्रदेश की अंडर-14 टीम में जगह बना ली थी। ऋत्विक बताते हैं कि पिछले आठ वर्षों से वे कड़ी मेहनत और अभ्यास कर रहे हैं। ऋत्विक बताते हैं कि उनका मौजूदा गेंदबाजी प्रदर्शन काफी अच्छा चल रहा है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि वे मध्यप्रदेश रणजी टीम में अपनी जगह बना लेंगे। इंटरडिविज़नल टी-20 टीम में अच्छा तजुर्बा ले चुके ऋत्विक बताते हैं कि वे अब तक करीब 70 शिकार कर चुके हैं। ऋत्विक बताते हैं कि वे ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज ब्रेट ली को काफी फॉलो करते रहे हैं। साथ ही मध्यप्रदेश के पूर्व तेज गेंदबाज और कोच संजय पांडे को भी अपना आदर्श मानते हैं। साथ ही मौजूदा राष्ट्रीय टीम के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को फॉलो करने की कोशिश करते हैं। ऋत्विक बताते हैं कि वे ट्रेनिंग पर ज्यादा ध्यान देते हैं और उनका मानना है कि जितना ज्यादा फिट रहेंगे उतना ज्यादा क्रिकेट खेल पाएंगे। फिलहाल इन दिनों वे अपनी यॉर्कर और इनस्विंग गेंदबाजी पर ज्यादा मेहनत कर रहे हैं। उनका मानना है कि नैसर्गिक रुप से आउट स्विंग गेंदबाज के लिए एक सरप्राइज अंदर आती हुई गेंद, बल्लेबाज को चौका सकती है इसलिए कोच संजय पांडे की देखरेख में इस गेंद पर मेहनत कर रहे हैं। उनका मानना है कि इसी तरह मेहनत करते रहे तो मध्यप्रदेश रणजी टीम में मौका जरूर मिल सकता है। ऋत्विक बताते हैं कि ऑफ सीज़न के दौरान उनके कैंप इंदौर के होलकर स्टेडियम में लगते हैं और वहीं पर कंडिशनिंग ट्रेनिंग और स्ट्रेंथ सेशन होते हैं और बाकी समय में होशंगाबाद में मौजूद एमपीसीए की क्रिकेट एकेडमी में अभ्यास करते हैं। ऋत्विक बताते हैं कि वे इंदौर स्पोर्ट्स क्लब की ओर से भी खेलते हैं। साथ ही वे बताते हैं कि होशंगाबाद के रहने वाले यश दुबे इन दिनों मध्यप्रदेश की ओर से खेल रहे हैं और इससे उन्हें भी प्रेरणा मिलती है।
ऋत्विक बताते हैं कि पिछले वर्षों में इंटर डिविज़न के एक ही मैच की दो पारियों में कुल 10 विकेट लेना उनके लिए काफी यादगार रहा। होशंगाबाद डिविजन की ओर से खेलते हुए उन्होंने शहडोल के खिलाफ हुआ ये मैच 2018 में खेला था। वे बताते हैं कि उसके बाद का वक्त कोविड की वजह से बर्बाद हो गया। कोविड के दौरान अपने अभ्यास के बारे में ऋत्विक बताते हैं कि धीरे-धीरे ट्रेनिंग करना शुरू किया और खुद को मोटिवेट करने की कोशिश भी जारी रही। ऋत्विक बताते हैं कि इस साल उनका प्रदर्शन काफी अच्छा रहा और इंटरडिविज़न के दौरान चार मैचों में उन्होंने 30 विकेट लेकर खुद को चयन के लिए उपलब्ध करवाया। इस बेहतरीन प्रदर्शन के बाद ही ऋत्विक को वनडे मैचों की अंडर-25 टीम में चयन किया गया।
ग्रेजुएशन तक पढ़ाई कर चुके ऋत्विक बताते हैं कि उन्हें फुटबॉल देखना भी अच्छा लगता है और रोनाल्डो और उनके वर्क एथिक्स को वे आदर्श के रुप में मानते हैं। अपनी उंचाई की वजह से अलग ही दिखने वाले ऋत्विक बताते हैं कि उनकी हाईट इशांत शर्मा के बराबर ही है। फिलहाल रणजी ट्रॉफी के नॉक आउट मुकाबले जून में शुरू होने की संभावना है उन पर ऋत्विक की नज़रें बनी हुई है। सफेद और लाल दोनों ही रंगों की गेंदों से अभ्यास करने वाले ऋत्विक पिंक गेंद को भी आजमाना चाहते हैं। ऋत्विक का मानना है कि मौके खुद की मेहनत से ही बनते हैं और उम्मीद की जा रही है कि बेहतरीन ऊंचाई वाले इस युवा गेंदबाज को जल्द ही मध्यप्रदेश रणजी टीम में खेलने का मौका मिलेगा।
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