
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की गिनती दुनिया के सबसे महंगे वैज्ञानिक प्रोजेक्ट में होती है। इसे बनाने में अरबों डॉलर खर्च हुए हैं, लेकिन अब नासा ने इसे तबाह करने का फैसला कर लिया है। इसका पूरा प्लान भी बन गया है और इसके लिए एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स को कॉट्रैक्ट मिल गया है। आपके मन में अभी भी सवाल होगा तो फिर अंतरिक्ष स्टेशन पर काम करने वाले अंतरिक्ष यात्रियों का क्या होगा और क्या आगे अंतरिक्ष यात्री कहां काम करेंगे? तो टेंशन न लीजिए, इसकी भी पूरी योजना बन गई है। अंतरिक्ष यात्री भविष्य में स्पेस एक्स के बनाए अंतरिक्ष स्टेशन ‘एक्सिओम स्पेस’ पर तैनात किए जाएंगे।
नासा और एलन मस्क की कंपनी ने अंतरिक्ष स्टेशन को पृथ्वी की कक्षा से सुरक्षित निकालने और इसे पृथ्वी पर गिराने का प्लान तैयार किया है। इस काम को 2031 की शुरुआत में अंजाम दिया जाएगा, जब यह 32 साल का हो जाएगा। धरती के बाहर बने अब तक के सबसे बड़े ढांचे को गिराने के लिए नासा ने स्पेस एक्स को 84.3 करोड़ डॉलर (लगभग 70 अरब रुपये) का कॉन्ट्रैक्ट दिया था।
1998 में किया गया था लॉन्च – वर्तमान अंतरिक्ष स्टेशन पर अब उम्र के लक्षण दिखने लगे हैं। साल 1998 में रूस और अमेरिका ने इसके पहले हिस्से को लॉन्च किया था। दो साल बाद अंतरिक्ष यात्री इसमें पहुंचे थे। यूरोप और जापान ने इसमें अपने खुद के हिस्से जोड़े और कनाडा ने रोबोटिक आर्म्स मुहैया कराए। 2011 में जब नासा के शटल रिटायर हुए, उस समय तक स्टेशन का आकार फुटबॉल मैदान के बराबर हो गया था। इसका वजन 1 मिलियन पाउंढ (430,000 किलोग्राम) था। नासा का अनुमान है कि यह स्टेशन कम से कम 2030 तक चलेगा। नासा का लक्ष्य है कि निजी कंपनियां अपने खुद के अंतरिक्ष स्टेशन लॉन्च करें। इससे नासा को चंद्रमा और मंगल ग्रह के लिए मिशन पर ध्यान करने में आसानी होगी।
कैसे गिराया जाएगा? – अंतरिक्ष स्टेशन को समय-समय पर अंतरिक्ष यान के जरिए ऊपर उठाया जाता है, ताकि यह लगभग 420 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित कक्षा में बना रहे। ऐसा न करने पर यह नीचे की तरफ आता रहेगा और एक समय पर अनियंत्रित होकर कक्षा से नीचे गिर जाएगा। नासा इसे दक्षिणी प्रशांत या संभवतः हिंद महासागर के सुदूर हिस्से में इसे गिराना चाहता है। इसका मतलब है कि एक अंतरिक्ष यान लॉन्च करना और इसे पानी की तरफ लेकर जाएगा। स्पेसएक्स ने इस डीऑर्बिट व्हीकल को बनाने का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। स्पेसएक्स एक साधारण ड्रैगन कैप्सूल का उपयोग करने की योजना बना रहा है। यह उसी तरह का कैप्सूल होगा, जिससे स्पेस स्टेशन पर आपूर्ति और अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाया जाता है। इसमें एक बहुत बड़ा ट्रंक लगा होगा, जिसमें रिकॉर्ड 46 इंजन और 16,000 किलोग्राम से अधिक ईंधन होगा।
नासा के अनुसार, अंतरिक्ष स्टेशन को नष्ट करने की तारीख से डेढ़ साल पहले कैप्सूल को लॉन्च किया जाएगा। उस समय अंतरिक्ष यात्री स्टेशन पर ही रहेंगे। स्टेशन को धीरे-धीरे नीचे उतारा जाएगा और नष्ट किए जाने से छह महीने पहले क्रू के सदस्य यान को छोड़कर पृथ्वी पर लौट आएंगे। जब स्टेशन 220 किलोमीटर नीचे आ जाएगा तो ड्रैगन इसे चार दिन बाद नीचे ले आएगा। इसी दौरान एक्सिओम स्पेस को भी अंतरिक्ष में स्थापित करने की योजना पर काम चलता रहेगा। इसकी शुरुआत 2026 में होगी और आईएसएस से जुड़ने के लिए चार नए हिस्से लॉन्च किए जाएंगे। आईएसएस के खत्म होने से पहले एक्सिओम को एक नए निजी अंतरिक्ष स्टेशन में बदल दिया जाएगा।
Home / News / नासा और स्पेसएक्स ने स्पेस स्टेशन को तबाह करने का पूरा प्लान किया तैयार, ऐसे गिरेगा समुद्र के भीतर, जानें कौन लेगा जगह
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