
प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल की बहुचर्चित भारत यात्रा मई तक टल गई है। हालांकि भारत ने उनकी यात्रा की तारीख के बारे में बता दिया है। लेकिन अभी तक इसका खुलासा नहीं हुआ है। दोनों पक्षों का कहना है कि जब तक कुछ एजेंडे को ठोस रूप नहीं मिल जाता तब तक तारीख की घोषणा नहीं की जाएगी। नेपाली अखबार काठमांडू पोस्ट ने लिखा कि भारतीय पक्ष की ओर से संकेत दिया गया है, जिसके बाद मई के पहले पखवाड़े में यात्रा कभी भी हो सकती है।
अधिकारी दोनों देशों के बीच होने वाले प्रमुख समझौतों को अंतिम रूप दे रहे हैं। प्रधानमंत्री के मुख्य राजनीतिक सलाहकार हरिबोल गजुरेल ने कहा कि नए विदेश मंत्री के शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री यात्रा को गति मिल सकती है। उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि मई के मध्य से पहले यात्रा होगी।’ नेपाली कांग्रेस के एनपी सऊद रविवार को नए विदेश मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं। इससे पहले उम्मीद थी की नेपाली प्रधानमंत्री अप्रैल में भारत की यात्रा करेंगे। लेकिन घरेलू राजनीति और समझौतों की स्पष्टता न होने के कारण यात्रा स्थगित कर दी गई।
कई समझौतों पर होगी सहमति – प्रधानमंत्री को दौरे के लिए औपचारिक आमंत्रण दिया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सेवा लमसल ने कहा, ‘एक बार जब दोनों पक्ष तारीख और अन्य समझौतों पर सहमत हो जाएंगे तो औपचारिक रूप से यात्रा की घोषणा की जाएगी।’ अधिकारियों के मुताबिक विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री के यात्रा एजेंडे को कारगर बनाने के लिए अन्य मंत्रालयों के साथ परामर्श तेज कर दिया है। घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी का कहना है कि, ‘कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे और हम भारतीय पक्ष के संपर्क में हैं।’
इस योजना पर बन सकती है सहमति – यात्रा का एक प्रमुख अंश भारत की वित्तीय सहायता से रक्सौल-काठमांडू रेल का निर्माण हो सकता है। 136 किमी यह लाइन रक्सौल को काठमांडू से जोड़ेगी। इसी सप्ताह इससे जुड़ी मीटिंग हो सकती है। भारत को जल्द से जल्द इसका निर्माण करना होगा, क्योंकि चीन ने काठमांडू को केरुंग से जोड़ने वाली रेलवे को लेकर स्टडी शुरू कर दी है। रक्सौल-काठमांडू रेलवे लाइन की घोषणा दोनों देशों के लिए जियोपॉलिटिक्स के हिसाब से बेहद महत्वपूर्ण है।
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