
अमेरिका से तनाव के बीच चीन ने हवा में अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल को मार गिराने का सफल परीक्षण किया है। जमीन आधारित इस एंटी बलिस्टिक मिसाइल सिस्टम का रविवार की रात को देश की सीमा पर परीक्षण किया गया। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया कि यह एक रक्षात्मक परीक्षण था और किसी देश को लक्ष्य करके नहीं किया गया था। अखबार ने दावा किया कि इस मिसाइल रोधी प्रणाली ने अपने सभी लक्ष्यों को पूरा किया।
चीन के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक पीएलए ने इसी तरह का परीक्षण पिछले साल फरवरी महीने में किया था। इसके साथ ही चीन की ओर से जमीन आधारित एंटीबलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण की छठवीं बार घोषणा की गई है। एंटी बलिस्टिक मिसाइलें सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें होती हैं जो बलिस्टिक मिसाइलों को बीच रास्ते में ही मार गिराने के लिए डिजाइन की गई होती हैं।
‘परमाणु हमले की धमकी देकर ब्लैकमेल नहीं कर सकेगा कोई देश’ : यह डिफेंस सिस्टम अंतरमहाद्वीपीय मिसाइलों को मार गिराने में काफी कारगर माने जाते हैं। ग्लोबल टाइम्स ने चीनी विशेषज्ञों के हवाले से दावा किया कि इन सफल परीक्षणों से चीन की एंटी बलिस्टिक मिसाइल क्षमता ज्यादा विश्वसनीय हो गई है। इससे चीन को अब कोई देश परमाणु हमले की धमकी देकर ब्लैकमेल नहीं कर सकेगा। चीनी विशेषज्ञों ने कहा कि अंतरमहाद्वीपीय मिसाइलों को बीच रास्ते में मार गिराना बहुत मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि इस चरण में परमाणु बम से लैस मिसाइल वातावरण के बाहर बहुत तेजी से आगे बढ़ती है।
चीनी के विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि जब दुनिया में हाइपरसोनिक मिसाइलें आ रही हैं, ऐसे में मिसाइल को आखिरी चरण में मार गिराना अब बहुत मुश्किल हो गया है। ऐसे में बीच रास्ते में मिसाइल को मार गिराने की ताकत हासिल करना बहुत ज्यादा जरूरी हो गया है। चीन ने यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय पर किया है जब ड्रैगन का ताइवान पर हमले का प्लान लीक हो गया है। इसमें चीनी अधिकारी कह रहे हैं कि वे ताइवान को लेकर युद्ध छेड़ने से नहीं हिचकेंगे। चीन की ताइवान के खिलाफ 1 लाख 40 हजार सैनिक एक साथ जंग में उतारने की है।
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