
इस्लामाबाद। पाकिस्तान आर्मी के चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा ने अपने अधिकारियों को भारत में लोकतंत्र की सफलता पर पुस्तकें पढ़ने को कहा है। यह बयान बाजवा ने साल 2016 में अपने पद संभालने के बाद सेना के अफसरों को संबोधित करते हुए कहा था। जिसका खुलासा अब पाकिस्तान के एक राष्ट्रीय अखबार ने किया है।
इस अखबार के मुताबिक, बाजवा ने अपना पद संभालने के बाद पिछले दिसंबर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित किया था। जहां उन्होंने अपने अफसरों को संबोधित करते हुए कहा था कि आप लोग भारत से सीख लें कि कैसे वहां लोकतंत्र स्थापित है। साथ ही कहा था कि जानें किस तरह भारत में सेना को राजनीति से बिलकुल अलग रखा गया है।
साथ ही इस आयोजन में उन्होंने कहा था कि पाक सेना के अधिकारियों को अमरीका के शिक्षाविदों की उन किताबों पर गौर करना चाहिए, जिसमें इस बात को बताया गया है कि किस तरह से भारत में सेना को राजनीति से अलग रखकर एक बेहतर और मजबूत लोकतंत्र बनाया गया। ये भाषण बाजवा ने पिछले साल दिसंबर में पाक सेना के रावलपिंडी स्थित मुख्यालय के ऑडिटोरियम में दी थी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बाजवा ने येल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर स्टीफन आई विल्किन्सन की पुस्तक ‘द मिलिट्री एंड इंडियन डेमोक्रेसी सिंस इंडीपेन्डेंस का खासतौर पर जिक्र किया था। साल 2015 में इस पुस्तक का भारत और पश्चिम के देशों में रिव्यू किया गया था। जहां इस किताब में स्पष्ट और साफ तौर पर बताया गया है कि कैसे भारत में सेना को राजनीति से दूर रखा गया है।
साथ ही बाजवा ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा था कि सरकार चलाने में सेना का कोई लेना-देना नहीं होना चाहिए। तो वहीं यह भी कहा जाता है कि पाक आर्मी चीफ बाजवा भारत से संबंधित ढ़ेरों पुस्तकें पढ़ते हैं। इस मामले पर उनके साथी रहे अफसर का कहना है कि यह रुची उनमें तब पैदा हुई जब वह 1992 में एलओसी पर थे।
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