
किस्तानी मूल की ब्रिटिश लेखिका कमिला शम्सी के इजराइल विरोधी रुख को लेकर उनसे प्रतिष्ठित जर्मन साहित्य पुरस्कार वापस ले लिया गया है। गुरुवार को मीडिया में आई एक खबर में यह दावा किया गया। इस महीने की शुरूआत में जर्मन शहर डोर्तमुंद ने प्रख्यात उपन्यासकार कमिला को साल के नेल्ली सैच प्राइज का विजेता घोषित किया था। एक यहूदी कवि के नाम पर इस पुरस्कार का यह नाम रखा गया है।
जियो न्यूज की खबर के मुताबिक लेकिन आठ सदस्यीय जूरी ने अपना फैसला रद्द करने का निर्णय किया है। जूरी ने 2019 के लिए किसी अन्य विजेता को नामित नहीं करने का फैसला किया है। इस पुरस्कार के विजेता को 16,500 डॉलर दिया जाता है। जूरी ने बुधवार को एक बयान में कहा कि पूर्व की छानबीन के बावजूद जूरी के सदस्य इस बात से वाकिफ नहीं थे कि लेखिका 2014 से फलस्तीन पर इजराइल सरकार की नीतियों के खिलाफ बहिष्कार कार्यक्रमों में भाग लेती रही हैं।
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