
पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय आतंकी वित्तपोषण की निगरानी संस्था FATF द्वारा कड़ी कार्रवाई के कगार पर है और उसे ‘डार्क ग्रे’ सूची में डाला जा सकता है, जो सुधरने की अंतिम चेतावनी है। संकेतों के अनुसार आर्थिक कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) की चल रही बैठक में भाग लेने वाले अधिकारियों ने कहा है कि अगर पाकिस्तान ने जरूरी कदम नहीं उठाए तो उसे सभी सदस्यों द्वारा अलग-थलग कर दिया जाएगा। पाकिस्तान को तुर्की, मलेशिया और चीन से मदद की आस थी, लेकिन अब ये तीनों देश भी इससे किनारा करते दिख रहे हैं।
एक अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान 27 पॉइंट में से सिर्फ 6 पर ही खरा उतर पाया है। ऐसे में FATF इस पर कड़ी कार्रवाई कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक FATF पाकिस्तान को ‘डार्क ग्रे’ लिस्ट में डाल सकता है। FATF के नियमों के मुताबिक, ग्रे और ब्लैक लिस्ट के बीच डार्क ग्रे की श्रेणी भी होती है। अगर ऐसा होता है तो पाकिस्तान को यह कड़ी चेतावनी होगी कि वह एक अंतिम अवसर में खुद को सुधार ले, नहीं तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर एक डॉजियर FATF में सौंपने वाला है,जिसमें इस बात का जिक्र होगा कि पाकिस्तान ने हाफिज सईद, मसूद अजहर और अन्य आतंकियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की है। डॉजियर में आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में भी जानकारी दिए जाने की संभावना है। पेरिस में चल रही बैठक में 18 अक्टूबर को पाकिस्तान पर फैसला होना है।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website