
पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा (General Qamar Javed Bajwa) ने कमांडर्स और आईएसआई (ISI) से जुड़े लोगों सहित अन्य प्रमुख अधिकारियों को राजनीति (Politics) से दूर रहने और राजनेताओं (Politicians) के साथ बातचीत से बचने का निर्देश दिया है. द न्यूज इंटरनेशनल अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, ये निर्देश उन रिपोर्टों के बाद दिए गए हैं जिनमें कहा गया है कि पाकिस्तान का सैन्य प्रतिष्ठान पंजाब (Punjab) में पीटीआई (PTI) को नुकसान पहुंचाने के लिए आगामी उपचुनावों में हेरफेर करने के लिए राजनीतिक इंजीनियरिंग में शामिल था.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान ने यह दावा किया था कि उनके कुछ उम्मीदवारों ने उनसे शिकायत की थी कि उन्हें अज्ञात नंबरों से टेलीफोन कॉल आई है. द न्यूज के अनुसार, देश के रक्षा सूत्रों ने इन आरोपों पर दुख जाहिर किया और कहा आईएसआई सेक्टर कमांडर, लाहौर, जिसे पीटीआई नेताओं द्वारा बदनाम किया जा रहा है, अपने कुछ पेशेवर कार्यों के सिलसिले में एक पखवाड़े से अधिक समय से लाहौर में नहीं है. वह इस्लामाबाद में है.
ISI को पहले भी दिए जा चुके हैं ये निर्देश : इससे पहले पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) को राजनीति से दूर रहने के सख्त निर्देश दिए गए थे. आईएसआई के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल ने खुफिया एजेंसी के अधिकारियों को निर्देश दिया था कि राजनीति और राजनीतिक मामलों में किसी भी तरह का दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
सेना ने कहा था आगामी चुनावों के लिए सुरक्षा देने का इरादा नहीं : पिछले महीने, पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) ने कहा कि वह 2018 के आम चुनावों (General Elections) के विपरीत देश में आगामी मतदानों के लिए सुरक्षा प्रदान नहीं करना चाहती है. हालांकि डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव प्रचार के दौरान जरूरत पड़ने पर सेना ने उपलब्धता का आश्वासन दिया है.
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website