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पाकिस्तान का कंधार में सबसे घातक हमला, तालिबान के सुप्रीम लीडर पर निशाना, क्या मारा गया अखुंदजादा?


पाकिस्तान की वायु सेना ने अफगान तालिबान के सर्वोच्च नेता हैबतुल्ला अखुंदजादा को मारने की कोशिश की है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की वायु सेना ने तालिबान नेतृत्व का गढ़ कहे जाने वाले कंधार में सटीक हमले किए हैं, जिसका लक्ष्य सर्वोच्च नेता हैबतुल्लाह अखुंदजादा को मारना था। इन सटीक हमलों में कंधार स्थित कैंप गेको के एक अति-सुरक्षित परिसर को निशाना बनाया गया।
शुक्रवार सुबह अंजाम दिया गया पाकिस्तानी वायु सेना का ऑपरेशन अफगानिस्तान-पाकिस्तान के संघर्ष में एक अहम मोड़ साबित हो सकता है। CNN-News 18 ने शीर्ष सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया कि हमला ठीक उसी जगह पर किया गया, जहां अखुंदजादा अस्थायी तौर पर पिछले कुछ सप्ताह से रह रहे थे। शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि हमले में 22 लोग मारे गए और 50 से ज्यादा घायल हो गए।
तालिबान के गढ़ पर हमला – कंधार को तालिबान का गढ़ कहा जाता है। सत्ता भले ही काबुल से चलती हो लेकिन उसकी कमान कंधार में ही रही है। तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर की तरह ही वर्तमान सुप्रीम लीडर अखुंदजादा ने भी कंधार को अपना ठिकाना बनाया है। हालांकि, पिछले 48 घंटों में कंधार के आसमान में विमानों की हलचल तेज हुई है।
हालिया हमले में तालिबान ठिकाने के बाहरी सुरक्षा घेरे को सफलतापूर्वक भेद दिया गया, लेकिन सर्वोच्च नेता अखुंदजादा के बारे में अभी तक पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन अगर अखुंदजादा की हमले वाली जगह पर मौजूदगी की पुष्टि होती है तो इलाके में संघर्ष बढ़ सकता है।
बंकर में अखुंदजादा का ठिकाना – सुरक्षा एक्सपर्ट का मानना है कि अखुंदजादा की जान लेने की कोई भी कोशिश बहुत मुश्किल है। सर्वोच्च नेता जमीन के नीचे बने गहरे बंकरों में रहता है। इन बंकरों को हवाई हमलों का सामना करने के लिए बनाया गया है। माना जा रहा है कि हमले में जमीन के ऊपर इमारतों को नुकसान के बावजूद जमीन के नीचे के हिस्सा हमलों के जोरदार झटकों से बच गया होगा।
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन गजाब लिल हक शुरू किया है, जिसे सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और आतंकी हमलों का जवाब में कार्रवाई बताया गया है। काबुल ने हमलों की साफ निंदा की है औऱ इसे साफ आक्रामकता और संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। तालिबान ने इसका जवाब देने की कसम खाई है।