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‘पीएम मोदी की वजह से पाक का सपना नहीं हो पाएगा पूरा’, हिना रब्बानी खार क्यों बोलीं ऐसा


इस वक्त पाकिस्तान (Pakistan) की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है. PM शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) की सरकार लगातार इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) से 6.5 मिलियन डॉलर के बेलआउट पैकेज को भी फाइनल करने की कोशिश कर रही है, लेकिन अभी तक कोई बात नहीं बन पाई है. इसी बीच पाकिस्तान की विदेश मामलों की राज्य सचिव हिना रब्बानी खार ने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ बिजनेस करना तो चाहता है, लेकिन PM मोदी के होते ऐसा हो पाना संभव नहीं है.
पाकिस्तान की विदेश मामलों की राज्य सचिव हिना रब्बानी खार ने अमेरिकी वेबसाइट पॉलिटिको को एक इंटरव्यू देते हुए कहा कि हम भारत के साथ बिजनेस को दोबारा से शुरू करने का स्वागत करेंगे, फिलहाल PM मोदी के रहते ऐसा हो पाना मुश्किल है. भारत के वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत-पाकिस्तान के बीच अप्रैल और दिसंबर 2022 के बीच 1.35 बिलियन डॉलर का बिजनेस हो पाया था, जबकि पाकिस्तान के सबसे करीबी दोस्त चीन के साथ भारत का बिजनेस 87 मिलियन डॉलर का था.
भारत एक हिंदू राष्ट्रवादी प्रशासन- हिना रब्बानी – हिना रब्बानी खार ने भारत के साथ संबंधों को बहाल करने पर बात करते हुए कहा कि हमारे और भारत के बीच बिजनेस ही एक रास्ता है, जिसे संबंध सुधर सकते है. हालांकि, हिना रब्बानी ने भारत पर हमला करते हुए कहा कि वहां एक हिंदू राष्ट्रवादी प्रशासन है, जो भारत में हिंदू और मुसलमानों के बीच बंटवारा करने पर यकीन रखती है.
उन्होंने कहा कि भारत की मौजूदा सरकार के साथ कुछ भी सही नहीं हो सकता है. वहां विशेष लोग सत्ता में काबिज है. उन्हें समस्या को हल करना नहीं आता है. वो सिर्फ समस्या को भड़काते हैं.
पाकिस्तानी राजनेताओं का विवादित बयान- हाल के महीनों में पाकिस्तानी राजनेताओं ने भारत के खिलाफ विवादित बयान दिए हैं. पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने 2002 में सांप्रदायिक दंगों के संदर्भ में पीएम नरेंद्र मोदी को गुजरात का कसाई कहा था. इसके बाद भारतीय विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने पाकिस्तान को आतंकवाद का एपिसेंटर कहा था.
हालांकि, भारत का रुख पाकिस्तान को लेकर बिल्कुल साफ है. भारत चाहता है कि पाकिस्तान अपनी आदतों में सुधार लाए और एक अच्छे पड़ोसी बनने की कोशिश करें.