
अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने एक रिपोर्ट में दावा किया है कि दुनिया में अपनी धाक जमाने के लिए चीन हवा, समुद्र, अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्र में आधुनिक क्षमताओं के साथ तेजी से एक मजबूत घातक बल का निर्माण कर रहा है । चीन हिंद महासागर और अन्य सागरों में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने के लिए पाकिस्तान में ग्वादर सहित अन्य विदेशी बंदरगाहों तक अपना विस्तार कर रहा है।
चीन की बढ़ती सैन्य क्षमता पर अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा जारी कांग्रेस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ्रीका, पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया में वाणिज्यिक बंदरगाहों तक पहुंच बढ़ाने की चीनी सेना की कोशिशों से भविष्य में बंदरगाहों तक सैन्य साजोसामान मुहैया कराने की आवश्यकता पूरी होगी। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (पीएलएएन) अपने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू साजोसामान अभियान, आपूर्ति्, पुन: पूर्ति् के लिए वाणिज्यिक बंदरगाहों और असैन्य जहाजों का इस्तेमाल करेगी। रिपोर्ट में कोरियाई प्रायद्वीप की पहचान एक ऐसे क्षेत्र के रूप में की गई है जहां अस्थिरता और अनिश्चितता की स्थिति है।
साथ ही भारत के साथ लगती चीन की सीमा पर क्षेत्रीय विवादों के संबंध में भी चिंताएं जताई गई है। सीमा विवाद के कारण 2017 में विवादित डोकलाम क्षेत्र में तनावपूर्ण गतिरोध पैदा हुआ था। पेंटागन ने कहा कि चीन अपना पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत बना रहा है। इस जहाज का प्राथमिक उद्देश्य क्षेत्रीय रक्षा अभियान में मदद देना होगा। उसने कहा, ‘‘बीजिंग संभवत: हिंद महासागर और दक्षिण चीन सागर में शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए इस जहाज का इस्तेमाल करेगा।’’ इस जहाज का प्रारंभिक परीक्षण मई 2018 में हुआ था और इसके 2019 तक बेड़े में शामिल होने की संभावना है।
अमेरिका के एक शीर्ष खुफिया अधिकारी ने कहा कि चीन के नेताओं ने अपने दीर्घकालिक सैन्य आधुनिकीकरण कार्यक्रम को महान शक्ति का दर्जा हासिल करने के लिए अनिवार्य माना है। टेलर ने कहा, ‘निश्चित तौर पर चीन जमीन, वायु, समुद्र, अंतरिक्ष और सूचना क्षेत्र में क्षमताओं का विस्तार करने के साथ मजबूत घातक बल का निर्माण कर रहा है जिससे वह क्षेत्र में तथा उसके बाहर अपनी धाक जमा सकेगा।’
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