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भारत में बिगड़ रहा जनसंख्या संतुलन, जन्मदर में सिक्किम का हाल जापान से भी बुरा


अभिषेक मिश्र: देश कम फर्टिलिटी दर को लेकर परेशान है। इसका बड़ा कारण है कि भारत की जनसंख्या 2050 तक तेजी से बूढ़ी हो जाएगी। तब 60 साल से अधिक उम्र वालों की तादाद कुल जनसंख्या का लगभग 20% पहुंच सकती है। आजादी के 100वें साल तक देश में बच्चों से ज्यादा बुजुर्ग हो जाएंगे। सबसे बड़ी चुनौती सिक्किम में है। वहां जापान से भी बच्चे कम पैदा हो रहे हैं। सरकार करीब 4 बरस से प्रयास कर रही है, पर हालात नहीं सुधर रहे।
TFR कम। पूरे देश का टोटल फर्टिलिटी रेट (TFR) जितना होना चाहिए, उतना नहीं है। स्थिर जनसंख्या के लिए TFR चाहिए 2.1, लेकिन भारत में है 1.9 से 2.0 के बीच। नैशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-5) के मुताबिक, सिक्किम का TFR 2025-26 में 1.1 हो गया यानी औसतन एक महिला 1.1 बच्चे को जन्म दे रही है। 2005-06 में यह 2.0 थी, लेकिन 2015-16 में 1.2 हो गई थी।
प्रोत्साहन से बढ़ावा। सिक्किम को लगा कि प्रदेश में कम जन्म दर का एक कारण बांझपन भी हो सकता है। इसलिए सरकार ने 2022 में वात्सल्य योजना शुरू की। इसका उद्देश्य उन दंपतियों की मदद करना था, जिन्हें कंसीव करने में दिक्कत हो रही हो। इसके तहत इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) जैसे महंगे इलाज के लिए हर दंपती को 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। सरकार का उद्देश्य पूरा होता भी दिखा, क्योंकि योजना शुरू होते ही 38 महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया। इससे लगा कि प्रेग्नेंसी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं भी कम TFR का एक कारण हो सकती हैं।
वेतन वृद्धि। सिक्किम ने बच्चों के जन्म को बढ़ावा देने के लिए और भी कई काम किए। सरकारी कर्मियों की वेतन वृद्धि को बच्चों के जन्म से जोड़ा। इसके लिए जनवरी 2023 में नियम लागू किए। दूसरा बच्चा होने पर कर्मचारियों का वेतन एक बार और बढ़ाया गया। इसी तरह, तीसरे बच्चे पर दो बार वेतन वृद्धि का लाभ मिला। महिला कर्मियों की मैटरनिटी लीव एक साल की गई और पुरुषों को पैटरनिटी लीव दी गई। सरकारी कर्मियों के बच्चों की देखभाल के लिए सरकार ने अटेंडेंट रखे। निजी क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को दूसरा बच्चा होने पर एक साल तक हर महीने 5,000 रुपये और तीसरा बच्चा होने पर 10,000 रुपये देने का प्रावधान किया गया।
कई देश परेशान। हालांकि, इनका ज्यादा फायदा नहीं मिला। अब सरकार नैशनल रिसर्च इंस्टीट्यूशन के साथ साझेदारी कर यह समझने की कोशिश कर रही है कि फर्टिलिटी क्यों कम हो रही है। सिक्किम जैसी स्थिति दुनिया के कई देशों की है। वहां भी लाभ देकर TFR बढ़ाने की कोशिश हुई, मगर कुछ खास हासिल नहीं हुआ। सिंगापुर में TFR 1.0 के आसपास है। दशकों से वहां सरकार बेबी बोनस, टैक्स रिबेट, सस्ती चाइल्ड केयर और हाउसिंग इन्सेंटिव जैसी योजनाएं चला रही हैं। इसके बावजूद जन्म दर बहुत कम है।
हंगरी सफल। दक्षिण कोरिया की स्थिति और भी गंभीर है। वहां 2023-24 में TFR लगभग 0.7 तक गिर गया। सरकार ने बच्चों के लिए नकद सहायता, चाइल्ड केयर सब्सिडी और लंबी पेरेंटल लीव जैसी योजनाओं पर भारी खर्च किया है, लेकिन असर नहीं दिखा। जापान का TFR 1.3 है। हालांकि, हंगरी को थोड़ी सफलता मिली है। 2011 में वहां TFR 1.23 था। सरकार ने हाउसिंग सब्सिडी, कम ब्याज पर कर्ज और चार या उससे अधिक बच्चों वाली महिलाओं के लिए आयकर छूट जैसी नीतियां शुरू कीं। 10 साल बाद वहां TFR 1.5 हो गया। वैसे यह भी रिप्लेसमेंट लेवल से काफी कम है।