
वॉशिंगटन। पेन्सिलवेनिया उच्चतम न्यायालय ने कैथलिक चर्च के पादरियों की ओर से किए गए यौन शोषण पर ग्रैंड ज्यूरी रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है कि 300 से ज्यादा पादरियों ने गत 70 सालों में एक हजार से ज्यादा बच्चों का यौन शोषण किया है। रिपोर्ट में यह भी खुलासा किया गया है कि चर्चों ने पादरियों के इन गुनाहों पर पर्दा डालने का भरपूर प्रयास किया है।
स्टेट अटॉर्नी जनरल जोश शैपिरो ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि रिपोर्ट में 1000 से ज्यादा पीडि़तों की पहचान कर ली गई है लेकिन ग्रैंड जूरी को विश्वास है कि यह संख्या और भी बढ सकती है।आपको बताते जाए कि अमेरिका के कैथलिक चर्चों में यौन शोषण पर यह जांच रिपोर्ट अब तक की सबसे बड़ी है। इस को लीडर जनरल जोश शैपिरो ने 18 महीने तक जांच कर इस रिपोर्ट को अंजाम तक पहुंचाया है। उनका साथ देने में हैरिसबर्ग, पीट्सबर्ग, ऐलेनटाउन, स्क्रैनटन, एरी और ग्रीन्सबर्ग जिलों के अधिकारी सम्मिलत थे।
यह रिपोर्ट 1400 पन्नों की रिपोर्ट में यह पाया गया कि पेन्सिलवेनिया और वैटिकन में चर्च के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन यौन शोषणों पर पर्दा डालने का भरसक प्रयास किया। शैपिरो ने बताया कि इन मामलों पर पर्दा डालने का यह परिणाम निकला कि ये वाद चलाने के लिए भी बहुत पुराने हो गए हैं। रिपोर्ट में यह बताया गया कि पादरियों ने लडक़े और लड़कियों दोनों का ही शोषण किया। रिपोर्ट में बताया गया कि ऐलनटाउन जिले में एक पादरी से जब यौन शोषण के बारे में पूछताछ की गई तो उन्होंने एक लडक़े से शोषण करने की बात कबूली। यह रिपोर्ट प्रकाशित नहीं हो सके। इसके लिए दर्जनों पादरियों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनका नाम उजागर नहीं हो सके।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website