
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग देश की बूढ़ी होती आबादी से परेशान हैं और इसका सारा दोष महिलाओं पर मढ़ रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार नवजात शिशुओं की संख्या में गिरावट के कारण चीन की आबादी लगातार घटती जा रही है। 2022 में चीन में नवजात शिशुओं की संख्या 10 मिलियन से भी कम रही, जबकि 2012 में यह संख्या लगभग 16 मिलियन थी। कुछ अनुमानों के अनुसार, चीन की वर्तमान जनसंख्या लगभग 1.4 बिलियन वर्ष 2100 तक घटकर लगभग 500 मिलियन हो सकती है। इस स्थिति का दोष महिलाओं पर मढ़ा जा रहा है कि वह बच्चे पैदा करने को तैयार नहीं है। हालांकि जिनपिंग सरकार विभिन्न विवाह कार्यक्रम आयोजित कर रही है और सैन्य परिवारों को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक कार्यक्रम लागू कर रही है। जिसके बाद चीन में सैनिक अभी भी दूसरे और तीसरे बच्चे को जन्म देने व राष्ट्रीय प्रजनन नीति को लागू करने में अग्रणी हैं।
दरअसल, चीन की घटती आबादी की समस्या का एक बड़ा कारण इसकी एक बच्चे वाली नीति है। चीन में पहले की तुलना में कम युवा लोग हैं और उनमें महिलाएं भी शामिल हैं।हालांकि अब चीन में कुछ स्थानीय सरकारें उन जोड़ों को नकद प्रोत्साहन देती हैं, जिनके पास दूसरा या तीसरा बच्चा है. झेजियांग प्रांत की एक काउंटी 25 साल की उम्र से पहले शादी करने वाले हर जोड़े को 1,000 युआन का नकद इनाम दे रही है। अक्टूबर में एक भाषण के दौरान चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने सरकार समर्थित ऑल-चाइना महिला फेडरेशन से “महिलाओं से इस समस्या को हल करने” का आग्रह किया था। कमजोर अर्थव्यवस्था और उच्च बेरोजगारी का सामना करने की वजह से कई युवा चीनी निराश हैं और अपने माता-पिता की पीढ़ी की तुलना में एक अलग जीवन शैली की तलाश कर रहे हैं।
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