
यूक्रेन में चल रही भीषण जंग के बीच रूस और नाटो देशों के बीच अब सीधे तनाव बढ़ता दिख रहा है। नाटो सदस्य देश लिथुआनिया को धमकी देने के बाद अब रूस का लड़ाकू हेलिकॉप्टर पहली बार एस्टोनिया की सीमा में घुसा है। यही नहीं रूस ने एस्टोनिया की सीमा के पास चल रहे अपने युद्धाभ्यास में हर दिन मिसाइल हमले का अभ्यास भी किया है। रूस ने यह कदम ऐसे समय पर उठाए हैं जब नाटो देशों का बड़ा शिखर सम्मेलन होने जा रहा है। एस्टोनिया और लिथुआनिया दोनों ही देश नाटो के सदस्य देश हैं और रूस से इनकी सीमा लगती है।
रूस के इन ताजा कदमों से बाल्टिक इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है। एस्टोनिया के रक्षा मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी कुस्ती साल्म ने कहा, ‘यह धमकी की तस्वीर है। हम कैसे रूसी धमकी को देखते हैं…जितना यह अभी है, उतना पहले कभी नहीं था।’ रूस ने यह आक्रामक कदम ऐसे समय पर उठाया है जब 30 सदस्यीय नाटो के राष्ट्राध्यक्ष स्पेन के मैड्रिड शहर में बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में ये देश रूस के यूक्रेन पर हमले को देखते हुए अपने बचाव के लिए नाटो में मूलभूत बदलाव की योजना को पेश करेंगे।
रूस के एमआई-8 हेलिकॉप्टर की घुसपैठ का विरोध दर्ज कराया : एस्टोनिया ने कहा है कि उसने रूस के राजदूत को तलब किया है ताकि रूस के एमआई-8 हेलिकॉप्टर की घुसपैठ का विरोध दर्ज कराया जा सके। यह रूसी हेलिकॉप्टर बिना अनुमति के शनिवार को एस्टोनिया के हवाई इलाके में घुस गया था और करीब 2 मिनट तक बना रहा था। यह घटना एस्टोनिया के दक्षिणी कोइदुला इलाके में हुई जो रूस के पेस्कोव शहर के पास स्थित है। बताया जा रहा है कि एक और रूसी हेलिकॉप्टर एस्टोनिया की सीमा के बिल्कुल पास से गुजरा था। एस्टोनिया, लिथुआनिया और लाटविया तीनों ही रूसी साम्राज्य का हिस्सा रहे हैं। प्रथम विश्वयुद्ध के बाद ये देश रूस से अलग हो गए थे। इसके बाद साल 1940 में सोवियत संघ ने फिर से इन तीनों देशों पर कब्जा कर लिया। साल 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद ये तीनों देश फिर से अलग हो गए।
इससे पहले रूस की सुरक्षा परिषद के प्रमुख निकोले पेत्रुशेव ने धमकी दी थी कि रूस के कलिनिनग्राद क्षेत्र में लिथुआनिया के परिवहन ‘नाकाबंदी’ पर मास्को की जवाबी कार्रवाई से लिथुआनियाई नागरिक गंभीर रूप से प्रभावित होंगे। पेत्रुशेव ने मंगलवार को कलिनिनग्राद की यात्रा के दौरान संवाददाताओं से कहा, ‘बेशक, रूस शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों का जवाब देगा। उचित उपाय किए जा रहे हैं और निकट भविष्य में इसका परिणाम देखा जाएगा।’ कलिनिनग्राद पोलैंड और लिथुआनिया के बीच स्थित एक छोटा रूसी क्षेत्र है। शनिवार को लिथुआनिया के राष्ट्रीय रेलवे ऑपरेटर ने यूरोपीय आयोग के निर्देशों का हवाला देते हुए क्षेत्र और रूस के बाकी हिस्सों के बीच स्वीकृत माल के प्रवाह पर प्रतिबंध लगा दिया।
परमाणु मिसाइल सरमत को तैनात करने जा रहा है रूस : रूस ने अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत इस कदम को अवैध बताया और लिथुआनियाई राजदूत को तलब किया। इस बीच पुतिन ने कहा है कि रूस की नवीनतम सरमत परमाणु सक्षम अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल 2022 के अंत तक तैनात की जाएगी। पुतिन ने मंगलवार को कहा, ‘हमने सरमत- अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। योजना के अनुसार, इस तरह की पहली प्रणाली साल के अंत में युद्धक ड्यूटी में प्रवेश करेगी।’ सरमत का परीक्षण अप्रैल में किया गया था। मिसाइल पुराने वोएवोडा सिस्टम की जगह लेगी, जिसे नाटो रिपोर्टिंग नाम, एसएस-18 शैतान के नाम से भी जाना जाता है।
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