
जर्मनी ने दुनिया के सबसे बड़े सुपरयाच को आधिकारिक रूप से जब्त कर लिया है। इस सुपरयाच का कनेक्शन रूसी बिजनेसमैन अलीशेर उस्मानोव से है। रूस यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों के तहत रूसी व्यापारियों की दुनियाभर में मौजूद संपत्ति को जब्त किया जा रहा है। फोर्ब्स मैग्जीन के मुताबिक दुनिया का सबसे बड़ा ‘दिलबर’ सुपरयाच 1,680 फीट लंबा है और इसकी अनुमानित कीमत 600 मिलियन डॉलर (करीब 45 अरब रुपए) है।
पिछले साल अक्टूबर के बाद से यह नाव हैम्बर्ग शिपयार्ड पर मरम्मत के लिए खड़ी हुई है। जर्मनी के कस्टम अधिकारी कई हफ्तों से इस नाव पर अपनी नजरें गड़ाए बैठे थे लेकिन इसके मालिकाना हक पर विवाद के चलते वे इसे आधिकारिक तौर पर जब्त नहीं कर पा रहे थे। अब जर्मन फेडेरल जुडिशल पुलिस ने कहा है कि लंबी जांच-पड़ताल और कंपनियों के छिपाने बावजूद वे ‘दिलबर’ के मालिक की पहचान करने में कामयाब हुए हैं। यह सुपरयाच अलीशेर उस्मानोव की बहन गुलबखोर इस्माइलोवा है।
ब्रिटेन के छठे सबसे अमीर शख्स रूसी व्यापारी : ट्विटर पर पुलिस ने कहा, ‘लग्जरी याच अब देश के प्रतिबंधों के अधीन है और हैम्बर्ग में इसे जब्त किया जा सकता है।’ रूसी अरबपति बिजनेसमैन और उनकी बहन दोनों यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के निशाने पर हैं, जो रूस के अमीर व्यापारियों और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ लगाए गए हैं। संडे टाइम्स की लिस्ट के मुताबिक 68 साल के उस्मानोव 2021 में ब्रिटेन के छठे सबसे अमीर शख्स थे।
रूस पर लगे हैं कड़े पश्चिमी प्रतिबंध : यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी प्रतिबंधों ने कई दर्जन रूसी व्यापारियों को निशाना बनाया है जिसमें अब उस्मानोव का नाम भी शामिल हो गया है। बुधवार को इंग्लिश प्रीमियर लीग फुटबॉल क्लब Everton ने उन कंपनियों के साथ अपने स्पॉन्सरशिप एग्रीमेंट को खत्म कर दिया जिनमें उस्मानोव की हिस्सेदारी है। ‘दिलबर’ पश्चिम की ओर से रूस पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों का सबसे हालिया उदाहरण है।
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