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राफेल, S-400… 11 एयरबेस उड़वाने के बाद पाकिस्तानी एयरफोर्स बदलेगी स्ट्रैटजी, सैटेलाइट से लेकर स्टैंडऑफ वेपन पर नजर


QUWA की रिपोर्ट में माना गया है कि पाकिस्तान एयरफोर्स का JF-17 फाइटर जेट, जिसमें चीनी CM-400AKG एयर टू सरफेस मिसाइल लगा हुआ था और जिसका काम, भारत के एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह करना था, वो बुरी तरह से नाकाम साबित हुआ। एस-400 एयर डिफेंस ने इस मिसाइल को बहुत आसानी से इंटरसेप्ट कर लिया।
पाकिस्तान की वायुसेना भारत के हाथों अपने 11 एयरबेस गंवाने के बाद लगातार स्ट्रैटजी बनाने में लगी हुई है। मई महीने में संघर्ष के दौरान भारतीय वायुसेना ने सटीक हमले में पाकिस्तान के 11 एयरबेस, एयर डिफेंस सिस्टम और रडार सिस्टम को तबाह कर दिया था। जिसके बाद अब पाकिस्तानी वायुसेना भारत के राफेल फाइटर जेट, एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम, बराक-8, स्पाइडर और ब्रह्मोस जैसी मिसाइलों से बचने के लिए रणनीति तैयार करने में लगा हुआ है। पाकिस्तान के डिफेंस वेबसाइट QUWA ने पाकिस्तान एयरफोर्स की कुछ नई स्ट्रैटजी का खुलासा किया है, जिसमें कहा गया है कि सैटेलाइट, जामिंग, स्टैंडऑफ वेपन्स को लेकर कई काम किए जा रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान वायुसेना की नई स्ट्रैटजी में एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम, आकाश एयर डिफेंस और बराक-8 मिसाइलों को ध्यान में रखकर रणनीति बनाई गई है। QUWA ने कहा है कि मई महीने में पाकिस्तान एयर फोर्स ने भारत के खिलाफ जो “ऑपरेशन बुनयान-उल-मरसूस” नाम का ऑपरेशन चलाया था, उसने पाक वायुसेना को अहसास करवाया कि उसकी क्षमताएं भारत के मल्टी लेयर एयर डिफेंस के सामने बौनी साबित हो रही हैं।
भारत के खिलाफ पाकिस्तान वायुसेना की नीति नाकाम – QUWA की रिपोर्ट में माना गया है कि पाकिस्तान एयरफोर्स का JF-17 फाइटर जेट, जिसमें चीनी CM-400AKG एयर टू सरफेस मिसाइल लगा हुआ था और जिसका काम, भारत के एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह करना था, वो बुरी तरह से नाकाम साबित हुआ। एस-400 एयर डिफेंस ने इस मिसाइल को बहुत आसानी से इंटरसेप्ट कर लिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि असल में एस-400 सिर्फ एक एयर डिफेंस नहीं है, बल्कि वो एक ‘सिस्टम ऑफ सिस्टम्स’ है। इसके अलावा इसकी सबसे बड़ी खासियत इस एयर डिफेंस सिस्टम का मोबाइल होना है। JF-17 फाइटर जेट को काफी ज्यादा ऊंचाई पर जाकर अपनी मिसाइल छोड़नी होती है, लेकिन इस ऊंचाई पर वो S-400 से बच नहीं सकता है। लेकिन अगर वो नीचे उड़कर हमले की कोशिश करता है, तो मिसाइल का स्टैंडऑफ रेंज कम हो जाता है।